emotional shayari # हिन्दी शायरी दिल से

वक़्त वो भी था घिरा रहता था मैं भी भीड़ से। 
आपकी इक आरज़ू ने मुझको तन्हा कर दिया।। 
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आपकी क़ातिल अदाओं ने हमारी जान ली। 
क़त्ल का फ़िर आपने ही हम पे दावा कर दिया।। 
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आप गर नज़रें मिलाते हाल सब पढ़ लेते हम। 
आपने पलकें झुका कर राज़ गहरा कर दिया।। 
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इश्क़ के बाज़ार में कीमत न थी राज मेरी। 
आपने बोली लगा कर दाम दुगना कर दिया।।
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                   Raj 
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Good morning

इल्मो अदब के  सारे खजाने गुजर गए... क्या खूब थे वो लोग  पुराने गुजर गए,  बाकी है जमीं पे  फकत आदमी की भीड़,  इन्सां मरे हुए तो  ज़माने गुजर गए...