shayari, shayri,

मिलोगे मुझसे जब तुम मेरी बाहों में चले आना 
करूँ जब याद  मैं तुमको निगाहों में चले आना 
सताये तुम्हें जब ये गमं ज़माने के मेरे हमदम 
बिना संकोच के मेरी पनाहों में ,चले आना
             Shayaripub.in


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

latest good night shayari

अब थोड़ा अजनबी रहने दो मुझे, मैंने हर बार खास बनकर गैर होना महसूस किया है...!!!