shayari, shayri,

मिलोगे मुझसे जब तुम मेरी बाहों में चले आना 
करूँ जब याद  मैं तुमको निगाहों में चले आना 
सताये तुम्हें जब ये गमं ज़माने के मेरे हमदम 
बिना संकोच के मेरी पनाहों में ,चले आना
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