Good night

मेरे सीने में कितनी आरज़ू हैं क़ैद जन्मों से
कहीं से आके मेरी,,रूह को आज़ाद कर दे तू
        मेरा अंजाम जो भी हो मगर तेरे ही हाथों हो
        मुझे आबाद कर दे या कि फिर बरबाद कर दे तू ।

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Good morning

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