बरसात

आसमान आया है कितने जज्बात लेकर
 प्यासी धरती के लिए बरसात लेकर 
कहीं हरियाली कहीं बादलों की सौगात लेकर 
मधुर स्वर बिखेरते कहीं बादल कहीं बिजली
 धरती को ब्याहने आया है आसमान बारात लेकर
                                               अचलाएसगुलेरिया 

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हर हर महादेव

तख्तो ताज की चिन्ता तो बादशाहों को होती है ॥ हम तो महादेव जी के लाडले हैं ॥ अपनी रियासतें साथ लेकर घूमते है ॥ Shayaripub.in