दर्द भरी शायरी

🌹ख़्वाहिश की गर्मियाँ थीं अजब उन के जिस्म में 🌹
🌹 उन की सोहबतों में मेरा ख़ून जल गया🌹 

🌹थी शाम ज़हर-ए-रंग में डूबी हुई खड़ी 🌹🌹
🌹फिर  ज़रा सी देर में मंज़र बदल गया 🌹🌹
             .    🌹🌹Shayaripub.in🌹🌹

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happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा  सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा  Shayaripub.in