good night

हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है
वो हर इक बात पर कहना कि.........
 यूँ होता तो क्या होता

तुम न आए तो क्या सहर न हुई.
हाँ मगर चैन से बसर न हुई।..

मेरा नाला सुना ज़माने ने..
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई।....
            Shayaripub.in 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

प्यार भरी शायरी

जब भी तेरी यादों में घिर जाते हैं  खुद को तसल्ली दे लेते हैं  तेरा नाम भी जुबान पर लेने से पहले थोड़ा आगे थोड़ा पीछे देख लेते हैं Shayaripub...