दर्देदिल की आवाज है गालिब

🌷दर्द 🌷जब दिल में हो तो🌷 दवा🌷 कीजिए। 
🌷दिल🌷 ही जब🌹 दर्द🌹 हो तो क्या कीजिए।।      

हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है
वो हर इक बात पर कहना कि यूँ होता तो क्या होता
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happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा  सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा  Shayaripub.in