दर्देदिल की आवाज है गालिब

🌷दर्द 🌷जब दिल में हो तो🌷 दवा🌷 कीजिए। 
🌷दिल🌷 ही जब🌹 दर्द🌹 हो तो क्या कीजिए।।      

हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है
वो हर इक बात पर कहना कि यूँ होता तो क्या होता
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प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम