Good morning

मोहब्बत में लाखों ज़ख्म खाये हमने,
अफसोस! उन्हें हम पर ऐतबार नहीं,
मत पूछों क्या गुजरती है दिल पर,
जब वो कहते है हमें तुमसे प्यार नहीं है।

मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,_ 

 अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता।
           Shayaripub.com 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

thought of the day

झुकी पलके हैं और होठों पर खामोशी है। आँखें बता रही हैं    अभी मोहब्बत नई-नई है।  अभी न आएगी नींद तुमको, अभी न हमको  चैन आएगा  बेचैनी बता रही...