सुविचार

खो" देते हैं,रिश्तों को
फिर...
"खोजा" करते हैं,
यही खेल हम!
 जिन्दगी भर "खेला" करते हैं.....
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बच्चे के जन्मते ही 
एक भाषा भी जन्मती है
उसके भीतर
उसकी माँ के भीतर 
वो भाषा जो बच्चा बोल नहीं सकता
वो भाषा जो माँ समझ जाती है।
वो भाषा जिसमें वो रोता है
वो भाषा जिसमें वो हंसता है
वो भाषा जिसमें माँ बसती है
वो भाषा जिससे माँ की हंसता है।
फिर एक दिन बच्चा 
वो भाषा तब भूल जाता है
जब माँ बोल नहीं पाती.
🌹GOOD DAY🌹
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1 टिप्पणी:

thought of the day

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