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मिली हैं रूहें तो
रस्मों की बंदिशें क्यूँ हैं 

यह जिस्म तो ख़ाक हो जाना है
*फिर रंजिशें क्यूँ हैं ।। .
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प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम