Good morning

मेरे हृदय के शिखर पर, 
तुम्हारा प्रेम" वैसे ही ज्योतिर्मय है;
जैसे शिव" के मस्तक पर सुशोभित है चंद्रमा'
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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in