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आँख तुम्हारी मस्त भी है और मस्ती का पैमाना भी
एक छलकते साग़र में मय भी है और मय-ख़ाना भी
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Good morning

     मुश्किल इंसान के हौसले आज़माती है,     सपनों के पर्दे आँखों से हटाती है,
   किसी भी बात से हिम्मत ना हारना;      ठोकर ही इंसान को चलना ...