shayari for you my love

आँख तुम्हारी मस्त भी है और मस्ती का पैमाना भी
एक छलकते साग़र में मय भी है  मय-ख़ाना भी
ankh tumhari mast bhi hai aur masti ka paimana bhi hai
ek chhalkate sagar mein may bhi hai mehkhana bhi hai
                                                                               Shayaripub.in 
 may

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