Shayari means "poetry" in english. But even after being synonymous to each other , both represent a very different depth to expression of the writer. Shayari is magical as it can mean different for every set of eyes that taste it through the sense of sight. It has no topic or a targeted demographic. It is made for everyone and everything. Though the great works in Shayari cannot be replicated but yes a new content based on our modern society can be created. The timelessness of shayari awaits.
मानस दीपावली
चलो दीवाली का दीपक अयोध्या से लाएं
देखो हनुमान आए हैं भरत को मिलने जाएंगे!
कल प्रभु पधारेंगे यह संदेश सुनाएंगे
हम भी साथ चलेंगे जहां पर राम भरत से भेंटेंगे
राम साकेत पुरी में आए पूजा कर लेंगे
कल प्रभु पधारेंगे यह संदेश सुनाएंगे
हम भी साथ चलेंगे जहां पर राम भरत से भेंटेंगे
राम साकेत पुरी में आए पूजा कर लेंगे
इतना बड़ा है राम का विमान
छोटा पड़ गया आसमान
राम के पीछे पीछे इससे सुग्रीव विभीषण उतरेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
छोटा पड़ गया आसमान
राम के पीछे पीछे इससे सुग्रीव विभीषण उतरेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
भरत जी दौड़े आते हैं
उन्हें प्रभु गले लगाते हैं
चारों भाइयों का यह मिलन सब आनंद से देखेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
उन्हें प्रभु गले लगाते हैं
चारों भाइयों का यह मिलन सब आनंद से देखेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
राम जी रूप अनेक बनाकर
मिले प्रभु.. सबको गले लगा कर
ऐसा मौका फिर ना मिलेगा हम भी चरण रज ले लेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
माता कैकई को गले लगाया
फिर ,सब बड़ों से आशीष पाया
विशिष्ट के साथ प्रभु अब! राज महल में लौटेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
मिले प्रभु.. सबको गले लगा कर
ऐसा मौका फिर ना मिलेगा हम भी चरण रज ले लेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
माता कैकई को गले लगाया
फिर ,सब बड़ों से आशीष पाया
विशिष्ट के साथ प्रभु अब! राज महल में लौटेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
राज सिंहासन पर प्रभु सोहे
ऋषि मुनि देवों के मन मोहे
ढोल नगाड़े बजते हैं ...हम भी जाकर नाचेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
ऋषि मुनि देवों के मन मोहे
ढोल नगाड़े बजते हैं ...हम भी जाकर नाचेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
अवध में आज दीवाली ऐसी
जग में कभी हुई ना जैसी
दीप जलाओ मानस मन से थोड़ा घी भी डालेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
जग में कभी हुई ना जैसी
दीप जलाओ मानस मन से थोड़ा घी भी डालेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
चरण सरयू जी ने धोए
भाव यह सबके नयन भिगोए।
प्रभु के कोमल चरण को छूकर हम भी धन्य हो लेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
भाव यह सबके नयन भिगोए।
प्रभु के कोमल चरण को छूकर हम भी धन्य हो लेंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
अवध में उजियारा चहुं ओर
रात को हो गई देखो भोर
दीपक एक वहां से लाकर अपने घर में जलाएंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
रात को हो गई देखो भोर
दीपक एक वहां से लाकर अपने घर में जलाएंगे
राम साकेत पुरी में आए मानस पूजा कर लेंगे
अचलाएस गुलेरिया
emotional shayari
तुम्हारी याद बरस जाए तो थकन कम हो
कहाँ कहाँ मैं फिरूँ सर पे अब घटा ले कर...
Shayaripub.in
गज़ल की बज़्म जैसा है
तुम्हारा चाँद सा चेहरा...!!
निगाहे शेर पढ़ती हैं
तो लब इरशाद करते हैं....!!!
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
Good evening
कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...
-
जग तो देखे महज प्रस्तुतीकरण तुम्हारा ईश्वर सदा ही देखे अंतः करण तुम्हारा धर्म-कर्म सब उसको अर्पित कर दो अपने सहज भाव से पूरे हो...
-
वो हमारे दिल से निकलने का रास्ता भी नहीं ढूंढ सके जो कहते थे.. तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम.. Shayaripub.in