good morning

दर्द एक संकेत है कि
आप जिंदा हो
समस्या एक संकेत है कि 
आप मजबूत हो
दोस्त और परिवार एक संकेत है कि
आप अकेले नहीं हो

शक्कर को चाहे अंधेरे में खाएं या उजाले में, मुँह मीठा ही होता है।

उसी प्रकार अच्छे कर्मों को  हम अनजाने में भी करें, तो भी उसका फल मीठा ही होताहै। 
       

good morning, सुप्रभात

आज बुरा है! तो डर मत,
कल अच्छा आयेगा...
वक़्त ही तो है, रुक थोड़ी जायेगा..!!

दर्द एक संकेत है कि
आप जिंदा हो
समस्या एक संकेत है कि 
आप मजबूत हो
दोस्त और परिवार एक संकेत है कि
आप अकेले नहीं हो
          Shayaripub.com 

Goodmorning

सुखी होने में ज्यादा खर्च नहीं होता,लेकिन हम कितने सुखी हैं, ये लोगों को  दिखाने में बहुत खर्च होता है।।
मेरी कथा का एक हेतु है ....आपका चित्त प्रसन्न हो.... 

मैं मोक्ष बांटने नहीं निकला हूँ ... मैं प्रसन्नता बांटने के लिए निकला हूँ ....आप प्रसन्न रहो ....क्यों इतने सीरियस हो ?....

मैं जगत की इतनी बदनामियाँ मेरे सिर का मुकुट बना कर बैठा हूँ ....फिर भी उसी मार्ग पर चल रहा हूँ ..... कभी ये गांव ...कभी ये गांव ....कभी ये गांव....
मतलब क्या ?....आपकी चैत्सिक प्रसन्नता.... क्योंकि आदि शंकर ने हमें बताया प्रसन्न चित्ते परमात्म दर्शन..... भगवान का दर्शन करना है तो तुम्हारा चित्त प्रसन्न हो.....
बापू
मानस रामरक्षा 
जय सियाराम

have a great time,shayari

शेरो-शायरी तो महज...
दिल बहलाने का ज़रिया है साहब !
लफ़्ज़ कागज पर उतारने से.. 
गुजरे हुए पल नहीं लौटा करते !!
                Dev
      Shayaripub.in
कौन कहता है कि कुछ नहीं 
तेरे मेरे दरमियाँ...

वो एहसासों का हुजूम,
वो जज़्बातों का सैलाब,,

वो अनकही बातें,
वो अनछुए अरमाँ,,

बिखरी सी ख़्वाहिशें,
फैले से ख़्वाब,,

वो सुकूँ के बिछे गलीचे,
वो ख़यालातों के बगीचे,,

वो महकती हुई साँसें,
उम्मीदों की मुस्कान,,

कौन कहता है कि कुछ नहीं 
तेरे मेरे दरमियाँ...
      Shayaripub.in

Good morning

ज़िंदगी में जब आएं खुशियां तो खाना तुम मिठाई की तरह...
.मुमकिन है गम भी आएंगे 
      तो उन्हें भी  स्वीकार लेना दवाई की तरह ।।                                                             🌹shayaripub.com 🌹


एक कहानी



*कमाई की परिभाषा सिर्फ धन से ही तय नही होती*

*लेकिन.....*

*रिश्ते, सन्मान, तजुर्बा, प्रेम और सेवा से ही कमाई की परिभाषा तय होती है*

   *🌺जय सियाराम🌺*


अगर मेंढक को गर्म उबलते पानी में डाल दें तो वो छलांग लगा कर बाहर आ जाएगा.. परन्तु उसी मेंढक को अगर सामान्य तापमान पर पानी से भरे बर्तन में रख दें और पानी धीरे धीरे गरम करने लगें तो क्या होगा ?
मेंढक फौरन मर जाएगा ?
जी नहीं....
ऐसा बहुत देर के बाद होगा...
दरअसल होता ये है कि जैसे जैसे पानी का तापमान बढता है, मेंढक उस तापमान के हिसाब से अपने शरीर को Adjust करने लगता है।
पानी का तापमान, खौलने लायक पहुंचने तक, वो ऐसा ही करता रहता है।अपनी पूरी उर्जा वो पानी के तापमान से तालमेल बनाने में खर्च करता रहता है लेकिन जब पानी खौलने को होता है और Boiling Point तक पहुंच जाता है, तब मेंढक अपने शरीर को उसके अनुसार समायोजित नहीं कर पाता है, और अब पानी से बाहर आने के लिए, छलांग लगाने की कोशिश करता है।
लेकिन अब उसके लिए ये मुमकिन नहीं हो पाता है..क्योंकि अपनी छलाँग लगाने की क्षमता के बावजूद , मेंढक ने अपनी सारी ऊर्जा वातावरण के साथ खुद को Adjust करने में खर्च कर दी है। अब पानी से बाहर आने के लिए छलांग लगाने की शक्ति, उस में बची ही नहीं I वो पानी से बाहर नहीं आ पायेगा, और मारा जायेगा I
मेढक क्यों मर जाएगा ?
कौन मारता है उसको ?
पानी का तापमान ?
गरमी ?
या उसके स्वभाव से ?
मेंढ़क को मार देती है, उसकी असमर्थता...
सही वक्त पर सही फैसला न लेने की अयोग्यता । यह तय करने की उसकी अक्षमता कि कब पानी से बाहर आने के लिये छलांग लगा देनी है।
इसी तरह हम भी अपने वातावरण और लोगो के साथ सामंजस्य बनाए रखने की तब तक कोशिश करते हैं, जब तक की छलांग लगा सकने की हमारी सारी ताकत खत्म नहीं हो जाती ।
लोग हमारे तालमेल बनाए रखने की काबिलियत को कमजोरी समझ लेते हैं। वो इसे हमारी आदत और स्वभाव समझते हैं। उन्हें ये भरोसा होता है कि वो कुछ भी करें, हम तो Adjust कर ही लेंगे और वो तापमान बढ़ाते जाते हैं।
हमारे सारे इंसानी रिश्ते, राजनीतिक और सामाजिक भी, ऐसे ही होते हैं, पानी, तापमान और मेंढक जैसे। ये तय हमे ही करना होता है कि हम जल मे मरें या सही वक्त पर कूद निकलें

shubh sombar,शुभ सोमवार

इंसानियत,
बहुत बड़ा खज़ाना है,
उसे लिबास में नहीं,
इंसान में तलाश करें ।।
                      Shayaripub.com 

*कमाई की परिभाषा सिर्फ धन से ही तय नही होती*

*रिश्ते, सन्मान, तजुर्बा, प्रेम और सेवा से ही कमाई की परिभाषा तय होती है*

                    *🌺जय सियाराम🌺*

good day








           जरा पता करो उस mist के पीछे इश्क है या risk है या.                        फिर, फिर से कोई twist है            
Shayaripub.com 

good morning

मैं क्यूँ निहारूं बेवज़ह ताज को,

वो तुमसे ख़ूबसूरत हैं क्या ..
                           देव
              shayaripub.com 

एक गीत, love song

वो किस्सा कुछ इस तरह सुनाया हमने
अपने अश्कों को जुबान बनाया हमने

इतने हंसते हुए उठे महफिल से हम
तेरे पत्थरों के शहर को रुलाया हमने

आंखों ने तेरी पहचान को मिटा दिया कब का
दिल में तेरे नाम का घरौंदा जाने क्यों? बनाया हमने

तेरे घर  के उजालों को बचाने के लिए
अपनी हस्ती को बिजली सा जलाया हमने
                      अचलाएसगुलेरिया
       Shayaripub.in

Good morning

पीड़ाएं केवल दुख ही नहीं देती ,
साहस भी देती हैं ,ठीक से खड़ा होने के लिए कई बार लड़खड़ाना पड़ता है....shayaripub.com 
Pirayen kewal dukh hi nhi deti hain.
Sahas bhi deti hain theek se khada hone keliye Kai bar ladkhadana prta hai

Good morning,#shayaripub.in

मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको            Shayaripub.in