बरसात

आसमान आया है कितने जज्बात लेकर
 प्यासी धरती के लिए बरसात लेकर 
कहीं हरियाली कहीं बादलों की सौगात लेकर 
मधुर स्वर बिखेरते कहीं बादल कहीं बिजली
 धरती को ब्याहने आया है आसमान बारात लेकर
                                               अचलाएसगुलेरिया 

good morning

कमाल की  बारिश हुई है शहर में 
दोस्ती बह गयी .........
दोस्त रह गए 
मेरे प्यार को मेरी कमजोरी समझ 
जो ना कहना था..... सब कह गए !!
                     Shayaripub.in

good morning

मुझमें और किस्मत में, हर बार बस यही जंग है 

मैं उसके फैसलों से तंग, वो मेरे हौसले से दंग है।।
            Shayaripub.in 

jai shree krishna

दिन बुरे है.., ज़िंदगी नहीं .
देर लगेगी मगर सही होगा...!
हमें जो चाहिए वही होगा...!
  ।। भगवान पे भरोसा रखो ।।
   .....shayaripub.com 

good morning

उलझाव सुलझाव के बीच से गुजरती जिंदगी
 कभी धूप कभी छांव में ठहरती जिंदगी
 घने बादलों में आशा से चमकती जिंदगी
 चेहरे पर खींचकर लकीरें और आगे को सरकती जिंदगी  उम्र के हर पड़ाव के पन्नों को धीरे धीरे पलटते जिंदगी
            Shayaripub.com 

good morning

साथ तुम्हारे जब होती हूँ गीत, ग़ज़ल हो जाती हूँ
जब तुम सुंदर कह देते हो ताजमहल हो जाती हूँ
shayaripub.in

फूल के जैसा है तन मेरा तुम बिल्कुल चंदन से हो
कुंज गलिन सी मैं हूँ पावन तुम भी तो मधुबन से हो
शिव बनकर जब छू लेते हो गंगाजल हो जाती हूँ
जब तुम सुंदर कह देते हो ताजमहल हो जाती हूँ

हृदयपत्र पर ढ़ाई आखर लिखकर पूर्ण विराम किया
सौंप के अपना जीवन तुझको सबकुछ तेरे नाम किया
मानसरोवर सी आँखों में नीलकमल हो जाती हूँ
जब तुम सुंदर कह देते हो ताजमहल हो जाती हूँ

यह केवल अनुबंध नहीं है जन्मों का सम्बंध है ये
साथ रहेंगे सात जनम तक पावनतम सौगंध है ये
प्रिय अंक में पाकर खुद को मैं प्रांजल हो जाती हूँ
जब तुम सुंदर कह देते हो ताजमहल हो जाती हूँ
                Shayaripub.com 

एक कहानी जो आपने कभी नहीं...

                           सलाह

बाबू मोशाय एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।

वह और उनकी पत्नी कोलकाता के एक छोटे से फ्लैट में रहते हैं।

उन्होंने दसहरा छुट्टिओं में शिमला मनाली जाने की योजना बनाई।

बाहर जाने से पहले जयंत बाबू ने सोचा कि अगर उनकी गैरमौजूदगी में कोई चोर घुस गया तो वो घर की सारी अलमारी और पेटी तोड़ कर
क्षतिग्रस्त कर देंगे क्योंकि कोई नकद नहीं मिलेगा।

इसलिए उन्होने घर को बर्बाद होने से बचाने के लिए 1000 रुपये टेबल पर रख दिए।

एक संवाद के साथ जिसमें त्लिखा थि

हे अजनबी मुझे बहुत अफ़सोस है।

मेरे घर में प्रवेश करने के लिए आपकी कड़ी मेहनत के लिए मेरी हार्दिक बधाई।

लेकिन हम शुरू से मध्यम वर्गीय परिवार हैं।

हमारा परिवार पेंशन के थोड़े से पैसे से चलता है।

हमारे पास कोई अतिरिक्त नकदी नहीं है।

मुझे सच में बहुत शर्म आ रही है कि आपकी मेहनत और आपका कीमती समय बर्बाद हो रहा है।

इसलिए मैंने आपकी पैरों की धूल देने के सम्मान में इस छोटे से पैसे को मेज पर छोड़ दिया।

कृपया मुझे स्वीकार करें।

और मैं आपको आपके बिजनेस को बढ़ाने के कुछ तरीके बता रहा हूं।

आप कोशिश कर सकते हैं।

सफलता मिलेगी।

मेरे फ्लैट के सामने आठवीं मंजिल पर एक बहुत प्रभावशाली मंत्री रहता है।

नामी प्रॉपर्टी डीलर सातवें में रहता है।

सहकारी बैंक के अध्यक्ष छै तला में रहते हैं।

पांचवे मंजिल पर प्रमुख उद्योगपति।

चौथी मंजिल पर नामी बिजनेसमैन हैं।

व तीन मंजिल पर एक राजनीतिक नेता हैं।

उनका घर गहनों और नकदी से भरा है।

मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि आपकी व्यावसायिक सफलता उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाएगी और उनमें से कोई भी पुलिस को रिपोर्ट नहीं करेगा।

यात्रा के बाद जयंतबाबू और उनकी पत्नी वापस लौटे।

एक लाख रुपये का गुच्छा और टेबल पर रखा एक पत्र देखकर वह हैरान रह गये।

पत्र पर लिखा है
आपके  निर्देश और शिक्षा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद सर।

मुझे इस बात का अफ़सोस है कि मैं पहले आपके करीब नहीं आ पाया।

आपके निर्देशानुसार मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

मैंने इस छोटी सी राशि को धन्यवाद के रूप में छोड़ दिया।

भविष्य में और अधिक आशीर्वाद की कामना करता हूँ।

*भवदीय - चोर*

good night

एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है,
 कोई जी लेता है जिंदगी, किसी की कट जाती है।
          Shayaripub.in

good morning

मोहब्बत में लाखों ज़ख्म खाये हमने,
अफसोस उन्हें हम पर ऐतबार नहीं,

मत पूछों क्या गुजरती है दिल पर,
जब वो कहते है हमें तुमसे प्यार नहीं है।                 shayaripub.in


Good morning,#shayaripub.in

मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको            Shayaripub.in