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शादी क्या है'
 
बिजली के दो तार 

सही जुड़े तो प्रकाश ही प्रकाश

गलत जुड़े तो 
धमाके ही धमाके 

                  बिजली विभाग।।
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कुछ

जिंदगी की प्रयोगशाला में प्रयोग चलते रहते हैं
 उन पर कितने रंग चढ़ते उतरते रहते हैं
 हम अपना हक भी हक से मांगते नहीं 
और वह नाजायज हड़प के भी अकड़ते रहते हैं 
हिसाब रखता है वह हर एक कर्म का
 इसलिए रब से सब डरते रहते हैं 
इसलिए उसे रब से सब डरते रहते हैं
                              अचला एस गुलेरिया 
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Good morning

हम उनकी ज़िन्दगी में अनजान से रहे,
और वो हमारे दिल  में कितनी शान से रहे!!
  ।।।। ।।।।।।।।। Achlasguleria।।।।।।।।।।। 
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Good night

दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती 
 ख़ैरात में इतनी बङी दौलत नहीं मिलती 
 
 कुछ लोग यूँही शहर में हमसे भी ख़फा हैं 
 हर एक से अपनी भी तबीयत नहीं मिलती 
 
 देखा था जिसे मैंने कोई और था शायद 
 वो कौन है जिससे तेरी सूरत नहीं मिलती 
 
 हंसते हुए चेहरों से है बाज़ार कीज़ीनत 
 रोने को यहाँ वैसे भी फुरसत नहीं मिलती 
 
   Nida Fazli
 
  

Good night

थी ख़ामोशी हमारी फितरत में तभी तो बरसो निभ गयी उन से,
अगर मुँह में हमारे जुवान होती तो  कितना बवाल होता..!!
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हम तो अच्छे थे पर लोगो की नज़र में  बुरे ही रहे,
कहीं हम सच में ख़राब होते तो  कितना बवाल होता..

good night

मैं तेरा इश्क हूँ आसान नहीं मुझे भूल जाना 
मेरी याद तेरे दिल में बड़ी रोशनी करेगी
मैं चिराग शाम का हूँ, मुझे सुबह तक जलाना
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Good night

हम सच बोलते हैं वहम है तुम्हे!
हमें हमारे बारे में पूछ कर तो देखो:!

वो न आयेंगे जिनकी रजा में राजी रहते हो
कभी उनसे हल्का सा रूठ कर तो देखो:!
                                अचला एस गुलेरिया 

Good morning

 सांपो की बस्ती है, देख केगले मिलो 
यहाँ का हर शख्स, बड़े प्यार से डसता है...!

कभी खामोशी उनकी 
कभी शब्द निशब्द कर गए 
एक उनके साथ जीने की जिद में 
हम बार बार मर गए 
                            Achlasguleria 

Good night


चलती हुई “कहानियों” के जवाब तो बहुत है मेरे पास……….
.लेकिन खत्म हुए “किस्सों” की खामोशी ही बेहतर है….


आज फिर चांद को फोन लगाया है 
तुम पर नजर रखे समझाया है।।



Good night

ईश्वर तो दिखाई भी नहीं देता, विश्वास कैसे करूं ?
सुंदर जवाब मिला - श्रद्धा वाई-फाई की तरह होती है, 
दिखती तो नहीं है, पर सही पासवर्ड डालो तो कनेक्ट हो जाते हो।          shayaripub.in
 सांपो की बस्ती है, देख के चल
यहाँ का हर शख्स, बड़े प्यार से डसता है

श्याम मधुर जी की याद में

                       श्रद्धांजलि 

रौशन करना महफिल को और फिर अनायास तेरा खो जाना 

हमको रुला गया मधुर तेरा चिर निद्रा में सो जाना 


यह भी कोई बात हुई कि सबको जगाना खुद सो जाना 

सबको जोड़ना अपनेपन से फिर सबसे दूर यूं हो जाना 

ढूंढ रहे हैं साथी  तेरे  ढूंढ रहा तुम्हें जमाना

हमको रुला गया मधुर तेरा चिरनिद्रा में सो जाना 


 गीत गांव के गाते तुम मधुर स्वरों में पिरो करके

 कविता तेरी हर याद करें कभी हंस करके कभी रो करके

 दर्द दे रहा तेरा हमको यूं महफिल से उठ जाना

 हमको रुला गया मधुर तेरा चिरनिद्रा में सो जाना 


जान प्राण आत्मा तुम्हारी शाम साहित्य दर्पण था 

मां भारती के चरणों में मधुर सा जो समर्पण था 

अच्छा नहीं लग रहा तेरा सबका साथ छोड़ जाना 

हमको रुला गया मधुर तेरा चिरनिद्रा में सो जाना 


बच्चे याद करें पापा को संगिनी तेरी चुपचाप खड़ी 

परिवार से तुम को छीन ले गई, कैसी अनहोनी सी घड़ी 

जाते तो सब ही हैं पर तेरा यूं असमय जाना

 हमको रुला गया मधुर तेरा चिरनिद्रा में सो जाना

                                    ।      अचला एस गुलेरिया 

Good morning,#shayaripub.in

मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको            Shayaripub.in