Good night

जागना भी कबूल है तेरी यादों में रात भर,
तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ।


*ऐतराज़ है मेरी शायरी से उन्हें...*

*शायद उलझती हैं धड़कने उनकी...*

सुनो 
कहां से लाऊं में शायरी में जान
कोई जान जान बोल कर जान ले गया
         Shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good morning

बहुत याद आए तुझ संग गुजारे हुए पल  जब तेरी गली से गुजरे थे हम कल                   अचला एस गुलेरिया                      Shayaripub.in ...