Emotional shayari

*उम्र, बिना रुके ही सफर कर रही हैं,*
*और हम ख्वाहिशें ले कर वही खड़े हैं।*

*जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी हैl*
*जिंदगी के कई इम्तिहान अभी बाकी हैं  l*

न शिक़ायत किसी से ना किसी से अनबन है,

बस अब ज़िंदगी में थोड़ा अकेले चलने का मन है

एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए
तू आज भी बेखबर है कल की तरह
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happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा  सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा  Shayaripub.in