Shayari means "poetry" in english. But even after being synonymous to each other , both represent a very different depth to expression of the writer. Shayari is magical as it can mean different for every set of eyes that taste it through the sense of sight. It has no topic or a targeted demographic. It is made for everyone and everything. Though the great works in Shayari cannot be replicated but yes a new content based on our modern society can be created. The timelessness of shayari awaits.
emotional shayari
अच्छा लिखना ही सब कुछ नहीं होता जनाब,
पढ़ने वाला भी तो दिलदार होना चाहिएं....!!
रिश्ता हर निभ जाता है
बस रिश्तों में प्यार होना होना चाहिए
खोने का डर और पाने की चाहत ना होती
तो ना खुदा होता ना ही इबादत होती
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emotional shayari
🌺🌺🌺🌺🌷🌷🌷मिट्टी से जो भी अपनी वफ़ायें ना कर सका,
वो पेड़ आंधियों में जड़ों से उखड़ गया,,🌺🌺🌺🌷🌷🌷
ना जाने कितनी कहानियां होंगी उसके पास
जो शख्स किसी से कुछ नहीं कहता
Good night # emotional shayari #
जरुरी नहीं है फरिश्ता होना ,
इंसा का काफी है इंसा होना
हकीकत ज़माने को अब रास नहीं आती,
एक गुनाह सा हो गया है आईना होना
बाद में तो… कारवां बनते जाते है,
बहुत मुश्किल है लेकिन पहला होना
हवाओं के थपेड़े झेलने पड़ते है, ऊंचाई पे,
तुम खेल समझ रहे हो परिंदा होना
ये लोग, जीते जी मरे जा रहे हैं,
मैं चाहता हूँ मौत से पहले जिंदा होना
अपनी गलतियों पे भी नज़रे झुकती नहीं अब,
लोग भूलने लगे हैं शर्मिंदा होना .......l . ........ Shayaripub.com
emotional shayari
🌷🌷मैं अपनी कश्ती किनारे पे डुबो देता हूँ!
इतना तन्हा हूँ , के हंसते हुए रो देता हूँ 🌷🌷
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🌷🌷सुना है बहुत शौक़ है आपको हुक्मरानी का,
ये दिल सल्तनत है आपकी बस राज़ कीजिये।🌷🌷 Shayaripub.com
🌷🌷हमसे भी पूछ लो कभी हाल-ई-दिल जनाब,
emotional shayari
1🌷हल्की हल्की सी सर्द हवा
ज़रा ज़रा सा दर्द ए दिल⚘
🌷अंदाज़ अच्छा है
ए नवंबर तेरे आने का..⚘
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attitude shayari
दुआ कौन सी थी हमे याद नही बस इतना याद है,
दो हथेलियाँ जुड़ी थी एक तेरी थी एक मेरी थी..!!
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कितने अंदाज से किया "नजर अंदाज" उसने !
ऐ खुदा" उसके इस अंदाज को "नज़र" ना लगे !!
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emotional shayari
चाहतों के फड़फड़ाते पन्नों
पर रखा पेपर वेट है,_
ज़िम्मेदारियाँ
दुआ कौन सी थी हमे याद नही बस इतना याद है,
दो हथेलियाँ जुड़ी थी एक तेरी थी एक मेरी थी..!! Shayaripub.com
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वो हमारे दिल से निकलने का रास्ता भी नहीं ढूंढ सके जो कहते थे.. तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम.. Shayaripub.in

