romantic shayari


विष्णुजी की कलम से.....

ख़्वाब की आदी आँखें, 
कौन उन्हें समझाए....
हर आहट पर दिल यूँ धड़के,
जैसे तुम आए......❤️
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emotional shayari good day

 हम आपको अपना बना लें क्या?
 बात जो दिल में है जुबां पर ला दें क्या ?
कहो एक बार हमसे ! चांद जमीं पर ला दें क्या?
 बस इजाजत मांग रहे हैं आपसे .....
आपकी सूनी कलाई पर कंगन पहना दें क्या?
 कल मंदिर से लाई है मां यह सिंदूर आपकी मांग में सजा दूं क्या?
                              अचलाएसगुलेरिया
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#Emotional shayari #शायरी# shayaripub.com#

⚘सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको, किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको....⚘
⚘पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा, अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको....!!!!⚘
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#kavita# गलतफहमी

💥गलतफहमी  रिश्तों को खा जाती है💥
💥बिना वजह, कोई नयी वजह बना जाती है💥

💥जो किसी ने नहीं कहा वह सब सुन लेते हैं💥
💥अपनी मर्जी गलतफहमी का पूरा स्वेटर बुन लेते हैं💥

💥अब कोई किसी को नहीं बुलाना चाहता💥
💥अच्छे बुरे में !किसी के घर नहीं जाना चाहता💥

💥भगवान ने जो दिया उस पर अहम हो जाता है💥
💥मैं ही समझदार हूं यह वहम हो जाता है💥

💥गलतफहमी जब भी हो उसे तभी मिटा लो💥
💥💥हर रिश्ता खूबसूरत है......💥💥
💥उसमें विश्वास की खुशबू मिला लो💥

💥बड़े हो तो बड़प्पन दिखाकर💥
💥हर रिश्ता बचा लो गले लगाकर ।💥
💥हर रिश्ता बचा लो गले लगा कर।।💥
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jai siyaram# जटायु द्वारा राम स्तुति


               
           ⚘जटायु द्वारा श्रीरामस्तुति⚘
जय  राम अनूप निर्गुन । सगुन गुन प्रेरक सही।
दससीस बाहु प्रचंड खंडन चंड सर मंडन मही।।
पाथोद गात सरोज मुख राजीव आयत लोचनं।
नित नौमि रामु कृपाल बाहु बिसाल भव भय मोचनं ॥
वलमप्रमेयमनादिमजमब्यक्तमेकमगोचरं
गोबिंद गोपर द्वंद्वहर बिग्यानघन धरनीधरं ॥
जे राम मंत्र जपंत संत अनंत जन मन रंजनं।
नित नौमि राम अकाम प्रिय कामादि खल दल गंजनं ॥
जेहि श्रुति निरंजन ब्रह्म ब्यापक बिरज अज कहि गावहीं।
करि ध्यान ग्यान बिराग जोग अनेक मुनि जेहि पावहीं।॥
सो प्रगट करुना कंद सोभा भृंग अग जग मोहई।
मम हृदय पंकज भृंग अंग अनंग बहु छबि सोहई॥
जो अगम सुगम सुभाव निर्मल असम सम सीतल सदा।
पस्यंति जं जोगी जतन करि करत मन गो बस सदा।॥
सो राम रमा निवास संतत दास बस त्रिभुवन धनी।
मम उर बसउ सो समन संसृति जास् कीरति पावनी॥
अबिरल भगति मागि बर गीध गयउ हरिधाम ॥
तेहि की क्रिया जथोचित निज कर कीन्ही राम।
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shayaripub.com#हिन्दी शायरी दिल से#

                 #एक_तू_ही_नहीं#

तेरे होने ना होने की , फ़क़त इतनी कहानी है
तेरे होने से है महफ़िल...ना होने से वीरानी है !
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ये प्यासा और सावन की छोटी सी कहानी है
कभी जो दिल की धड़कन था आज आँखों का पानी है !
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कभी बादल,कभी बरखा,कभी जुगनू ,कभी तितली
मेरे "शेरों" में जो भी है...सब उनकी ही निशानी है !!
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कभी बस प्यार लिखता था अब ये दर्द-ए-बयानी है
अब ये बेरूख़ी उनकी....मेरे लिखे की रवानी है।।
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                                   💙राज💙
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Good morning

कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं
और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता
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Good night# हिन्दी शायरी दिल से


Harivansh Rai Bachhan's poem on friendship: 

.....मै यादों का 
किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत 
याद आते हैं....

...मै गुजरे पल को सोचूँ 
तो, कुछ दोस्त 
बहुत याद आते हैं....

.....अब जाने कौन सी नगरी में,
आबाद हैं जाकर मुद्दत से....

....मै देर रात तक जागूँ तो ,
कुछ दोस्त 
बहुत याद आते हैं....

....कुछ बातें थीं फूलों जैसी,
....कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,
....मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,
....कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.

....सबकी जिंदगी बदल गयी,
....एक नए सिरे में ढल गयी,

....किसी को नौकरी से फुरसत नही...
....किसी को दोस्तों की जरुरत नही....

....सारे यार गुम हो गये हैं...
.... "तू" से "तुम" और "आप" हो गये है....

....मै गुजरे पल को सोचूँ 
तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं....

...धीरे धीरे उम्र कट जाती है...
...जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है,
...कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है...
और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है ...

.....किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते, 
....फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते...

.....जी लो इन पलों को हंस के दोस्त, 
फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते ....
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⚘रात रौशन है मेरी ⚘
  ⚘  दियों के उजालों से.... ⚘
⚘खुशनुमा है मिजाज मेरा ..⚘
⚘महज तुम्हारे ही ख्यालों से... ⚘
                              ⚘Vishnu⚘          

shayaripub.com# शायरी

⚘जज़्बातो की फिसलती रुहानी रौ में बह गया हूँ मैं
जो नहीं कहना चाहिए था वो भी कह गया हूँ मै⚘

⚘हर लम्हा-ए-सर-ख़ुशी में अक्सर खूब मुस्कूराया हूं 
भीगती पलकों से महज दो अश्क बहा के रह गया हूँ मैं⚘

⚘शायद तू इसे जुनूँ समझे या मेरी दीवानगी समझ लें 
लेकिन इस बार दिल से बात पते की कह गया हूँ मैं⚘

⚘अब क्या ग़म-ए-साहिल और क्या फकत है दर्दे दिल 
इक मुहब्बत की रवां इक मौज के संग बह गया हूँ मैं⚘
                           ⚘ राज⚘
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emotional shayari # हिन्दी शायरी दिल से

वक़्त वो भी था घिरा रहता था मैं भी भीड़ से। 
आपकी इक आरज़ू ने मुझको तन्हा कर दिया।। 
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आपकी क़ातिल अदाओं ने हमारी जान ली। 
क़त्ल का फ़िर आपने ही हम पे दावा कर दिया।। 
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आप गर नज़रें मिलाते हाल सब पढ़ लेते हम। 
आपने पलकें झुका कर राज़ गहरा कर दिया।। 
⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘
इश्क़ के बाज़ार में कीमत न थी राज मेरी। 
आपने बोली लगा कर दाम दुगना कर दिया।।
⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘
                   Raj 
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Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...