Good morning

अभी शर्म है,हुआ है गुफ़्तगू में,
        अभी मोहब्बत नई-नई है। 

अभी न आएगी नींद न तुमको,
अभी न हमको चैन मिलेगा

        अभी तो धड़केगा दिल ज़्यादा,
        अभी मुहब्बत नई नई  है ।।
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Good morning



        अभी तो धड़केगा दिल ज़्यादा,
        अभी मुहब्बत नई नई है।

बहार का आज पहला दिन है,
चलो चमन में टहल के आएँ

        फ़ज़ा में खुशबू नई नई है
        गुलों में रंगत नई नई है।
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Good night

रूठने वाला वजह ढूँढता है

और जाने वाला बहाने !!
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Good morning

किसी नामुमकिन बात को मुमकिन करके दिखा.
खुद पहचान लेगा जमाना तुझे..... 
तू भीड़ से अलग चल कर दिखा…
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जीवन में हर स्थिति अस्थायी है,
इसलिए जब जीवन अच्छा हो, 
तो इसका आनंद लें और ....
इसे पूरी तरह से जिये, 
जब जीवन इतना अच्छा न हो, 
तो याद रखें कि .....
यह हमेशा के लिए नहीं रहेगा ....
और अच्छे दिन आने वाले हैं..........!
#सुप्रभात#

शुभ नवरात्रि

या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
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Good morning

तूफ़ान के बीच चलते रहो। तुम्हारा इंद्रधनुष दूसरी तरफ़ इंतज़ार कर रहा है।
-हीदर स्टिलफ़सेन।
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             💥💥सुप्रभात💥💥

Good morning

सेल्फ़ी निकालना तो 
सेकण्ड्स का काम है।

     वक़्त तो 
     इमेज  
    बनाने में लगता है।
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नवरात्रि शुभकामनाएँ

*सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति कारुण्यगंधने।
*लब्ध्वा शुभं नववर्षेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम्‌।।


 अर्थात:- *जिस तरह सूर्य प्रकाश देते है, संवेदना करुणा को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है,उसी तरह आने वाला हर एक पल आपके लिए मंगलमय हो।
         
*नव वर्ष के शुभ अवसर पर हे मां भगवती! आप को एवं आपके परिवार को:-
रिद्धि दे, सिद्धि दे,वंश में वृद्धि दे।
ह्रदय में ज्ञान दे,चित्त में ध्यान दे।।
अभय वरदान दे,दुःख को दूर कर। 
सुख भरपूर कर, आशा को संपूर्ण कर।।
सज्जन जो हित दे, कुटुंब में प्रीत दे।
 माया दे, साया दे,और निरोगी काया दे।।
मान-सम्मान दे, सुख समृद्धि और ज्ञान दे।
शान्ति दे, शक्ति दे,भक्ति भरपूर दें।।
नव वर्ष विक्रम संवत २०८१ आपके लिए हर दिन, हर पल  मंगलमय हो।
 नववर्ष एवं चैत्र नवरात्र की अंतर्मन से आपको हार्दिक शुभकामनाएं।
                     हरि ऊं      
                 जय माता की 

Good morning

चलकर देखा है, अकसर

मैंने अपनी चाल से तेज.... 

पर वक्त और तकदीर से आगे
 
कभी निकल ना सके ।।
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Good morning

रहना तेरी यादों में
  आदत है मेरी,

कोई इसे इश्क कहता है
  पर हम कहते हैं 
   तू चाहत है मेरी।
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Good morning

विरोध किसी से रखो रखना क्यों है 
जलन करें और जलते रहें यह करना क्यों है 
सत्य अखंड है सत्य अमर है 
 सत्य निडर है 
तो किसी से डरना क्यों है
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Good morning,shayaripub.in

ये तलब , ये बेचैनियाँ ये सारी की सारी रौनकें तुमसे  ही हैं ... लोग कहते हैं इश्क जिसे मेरे हमदम   वो इश्क तुमसे  ही है।