Good morning



तुम्हारे इश्क़ को कैसे समेटू अल्फाज़ो में 
ये मोहब्बत मुझे नि:शब्द कर जाती हैं

साँवली लैला भी मजनू को ना दी दुनियाँ ने
मेरी वाली की रंगत तो खासी बेहतर है
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#हमारा समाज

अचलाएसगुलेरिया की कलम से

चार लोगों से बना हमारा यह समाज है 
चार लोग बोलते हैं चारों की आवाज है 

मेरे खान पान को चार लोग देखते 
मेरी बोल चाल को चार लोग तोलते 
मुझ में कृष्ण कंस को चार लोग खोजते
सीता मीरा राधा ••••••से भी यह नाराज है

 आगे बढ़ने वाले का उत्साह कभी बढ़ाते हैं 
पीठ पीछे बैठकर बातें कभी बनाते हैं
 मुसीबत में अपना बना हाथ भी बढ़ाते हैं
पर हर किसी में रहता छोटा सा दगाबाज है
 
चार लोगों ढूंढेंगे चारों को बताएंगे
 मेरे काम आना हम तेरे काम आएंगे
 साथ तो निभाएंगे बातें ना बनाएंगे
 नई विचारधारा का हो रहा आगाज है
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Good morning

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     जब व्यक्ति अंदर से टूट जाता है
             तो बाहर से मिलने वाली
      हर खुशी उसे केवल हँसा सकती है
      परंतु अंदर से खुश नहीं कर सकती
     वक़्त के फ़ैसले कभी गलत नहीं होते
       बस साबित होने में वक्त लगता है !
                    🌹🙏🏻हरि ऊं 🙏🏻🌹

Good morning

ये दरिया-ए-इश्क है, कदम जरा सोच के रखना,
    इस में उतर कर किसी को किनारा नहीं मिला
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Good morning

मैं तुम्हारे इश्क से 
बचकर जाऊं भी तो कहां जाऊं
तुम मेरी सोच की 
हर दहलीज पर नजर आते हो l
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Good morning



        अभी तो धड़केगा दिल ज़्यादा,
        अभी मुहब्बत नई नई है।

बहार का आज पहला दिन है,
चलो चमन में टहल के आएँ

        फ़ज़ा में खुशबू नई नई है
        गुलों में रंगत नई नई है।
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Good night

कब ठहरेगा दर्द  दिल का ! कब रात बसर होगी,

सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर  होगी ।।

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Good morning

जिन्हे याद कर के मुस्कुरा दे ये होंठ

वो लोग दूर होकर भी दूर नही होते.
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Good morning

रफ्तार सांसों की ख़ुद ही संभाल लेती है ,
तुम्हारी याद  कलेजा  निकाल  लेती   है..
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Good morning ,Shayaripub.in

ऐ दिल तेरी गजब हिम्मत हैजो तू धड़कता है!
 हसरतों के बोझ तले भी 
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Good morning/#krishna

श्री कृष्ण कहते हैं कि :-
 भवतः अपेक्षया उत्तमः भागीदारः नास्ति 

अर्थात :- “स्वयं से बढ़कर कोई भी साथी नहीं होता...!
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Good morning,#shayaripub.in

मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको            Shayaripub.in