Shayari means "poetry" in english. But even after being synonymous to each other , both represent a very different depth to expression of the writer. Shayari is magical as it can mean different for every set of eyes that taste it through the sense of sight. It has no topic or a targeted demographic. It is made for everyone and everything. Though the great works in Shayari cannot be replicated but yes a new content based on our modern society can be created. The timelessness of shayari awaits.
latest beautiful shayari with love
pyarbhari goodmorning#suparbhart
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
Good morning
good morning with beautiful shayari
घेरे था मुझे तुम्हारी साँसों का पवन,
जब मैं बालक अबोध अनजान था।
यह पवन तुम्हारी साँस का
सौरभ लाता था।
उसके कंधों पर चढ़ा
मैं जाने कहाँ-कहाँ
आकाश में घूम आता था।
सृष्टि शायद तब भी रहस्य थी।
मगर कोई परी मेरे साथ में थी;
मुझे मालूम तो न था,
मगर ताले की कूंजी मेरे हाथ में थी।
जवान हो कर मैं आदमी न रहा,
खेत की घास हो गया।
तुम्हारा पवन आज भी आता है
और घास के साथ अठखेलियाँ करता है,
उसके कानों में चुपके चुपके
कोई संदेश भरता है।
घास उड़ना चाहती है
और अकुलाती है,
मगर उसकी जड़ें धरती में
बेतरह गड़ी हुईं हैं।
इसलिए हवा के साथ
वह उड़ नहीं पाती है।
शक्ति जो चेतन थी,
अब जड़ हो गयी है।
बचपन में जो कुंजी मेरे पास थी,
उम्र बढ़ते बढ़ते
वह कहीं खो गयी है।
latest Hind shayari
Good morning friends
प्यार भरी शायरी के साथ दिल की बात
Self-respect से भरी शायरी
नहीं खेल नासेह जुनूँ की हक़ीक़त
समझ लीजिएगा तो समझाइएगा
हमें भी ये अब देखना है कि हम पर
कहाँ तक तवज्जोह न फ़रमाइएगा
सितम 'इश्क़ में आप आसाँ न समझें
तड़प जाइएगा जो तड़पाइएगा
ये दिल है इसे दिल ही बस रहने दीजे
करम कीजिएगा तो पछ्ताइएगा
कहीं चुप रही है ज़बान-ए-मोहब्बत
न फ़रमाइएगा तो फ़रमाइएगा
भुलाना हमारा मुबारक मुबारक
मगर शर्त ये है न याद आइएगा
हमें भी न अब चैन आएगा जब तक
इन आँखों में आँसू न भर लाइएगा
तिरा जज़्बा-ए-शौक़ है बे-हक़ीक़त
ज़रा फिर तो इरशाद फ़रमाइएगा
हमीं जब न होंगे तो क्या रंग-ए-महफ़िल
किसे देख कर आप शरमाइएगा
ये माना कि दे कर हमें रंज-ए-फ़ुर्क़त
मुदावा-ए-फ़ुर्क़त न फ़रमाइएगा
मोहब्बत मोहब्बत ही रहती है लेकिन
कहाँ तक तबी'अत को बहलाइएगा
न होगा हमारा ही आग़ोश ख़ाली
कुछ अपना भी पहलू तही पाइएगा
जुनूँ की 'जिगर' कोई हद भी है आख़िर
कहाँ तक किसी पर सितम ढाइएगा
Respect your self with Hindi shayari
emotional 💕 shayari
ज़िंदगी लुत्फ़ भी है ज़िंदगी आज़ार भी है
बंदूक की नोक भी है ज़ंजीर की झंकार भी है
ज़िंदगी दीद भी है हसरत-ए-दीदार भी है
कड़वी जहर भी है-लब-ओ-रुख़्सार भी है
ज़िंदगी ख़ार भी है ज़िंदगी प्यार भी है
हर हर महादेव
thoughtful Good morning
दर्द भरी painful shayari
हर हर महादेव
सुप्रभात
कितने भी बंधन हों
दिल को फिर भी उड़ता परिंदा रखना
कितने भी english वाले shock मिलें
पर तू हिंदी वाले अपने शौक जिंदा रखना
मुझे पसंद है,
तुमसे बातें करना..
जबकि मेरे पास कहने को,,
कुछ भी नहीं होता..!!..
अब्र बरसे तो इनायत उस की
शाख़ तो सिर्फ़ दुआ करती है
ज़िंदगी फिर से फ़ज़ा में रौशन
मिशअल-ए-बर्ग-ए-हिना करती है
हम ने देखी है वो उजली साअ'त
रात जब शेर कहा करती है
शब की तन्हाई में अब तो अक्सर
गुफ़्तुगू तुझ से रहा करती है
latest beautiful shayari with love
आज मैं सोच रही थी की प्रेम पर कुछ गहरा सा लिखा जाए । तो गहराई में उतरते हुए पता चला प्रेम एक रास्ता है मंजिल नहीं जब किसी रिश्ते को मंजिल...
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जग तो देखे महज प्रस्तुतीकरण तुम्हारा ईश्वर सदा ही देखे अंतः करण तुम्हारा धर्म-कर्म सब उसको अर्पित कर दो अपने सहज भाव से पूरे हो...
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हिम्मत मत खोना अभी बहुत आगे जाना है जिन्होंने कहा था तेरे बस का नहीं है उनको भी करके दिखाना है Shayaripub.in