Shayari means "poetry" in english. But even after being synonymous to each other , both represent a very different depth to expression of the writer. Shayari is magical as it can mean different for every set of eyes that taste it through the sense of sight. It has no topic or a targeted demographic. It is made for everyone and everything. Though the great works in Shayari cannot be replicated but yes a new content based on our modern society can be created. The timelessness of shayari awaits.
Good morning
इल्मो अदब के
सारे खजाने गुजर गए...
क्या खूब थे वो लोग
पुराने गुजर गए,
बाकी है जमीं पे
फकत आदमी की भीड़,
इन्सां मरे हुए तो
ज़माने गुजर गए...
Shayaripub.in
अब ये सोचूँ तो भँवर ज़ेहन में पड़ जाते हैं
कैसे चेहरे हैं जो मिलते ही बिछड़ जाते हैं
क्यूँ तेरे दर्द को दें तोहमत-इस हाल की
ज़लज़लों में तो भरे शहर उजड़ जाते हैं
पतझड़ में इक दिल को बचाऊँ कैसे
ऐसी रुत में तो घने पेड़ भी झड़ जाते हैं
अब कोई क्या मेरे क़दमों के निशाँ ढूंढेगा
तेज़ आँधी में तो ख़ेमे भी उखड़ जाते हैं
सोच का आइना धुँदला हो तो फिर वक़्त के साथ
चाँद चेहरों के भी अक्स।बिगड़ जाते हैं
शिद्दत-ए-ग़म में भी ज़िंदा हूँ तो हैरत कैसी
कुछ दिए तेज हवाओं से भी लड़ जाते हैं
Shayaripub.in
#शायरी
तेरी मौजूदगी में तेरी दुनिया कौन देखेगा
तुझे मेले में सब देखेंगे मेला कौन देखेगा
जहाँ होती रही है मुद्दतों संगीत की बारिश
वहाँ तन्हा खामोशी का बसेरा कौन देखेगा
जरा रूकिए अभी जाते हैं क्यों शादी की महफ़िल से
हसीं रात है देखी , तो सवेरा कौन देखेगा
न ठप हो जाए तेरा कारोबार मय का ओ साक़ी
तेरी आँखों के होते जामों मीना कौन देखेगा
बहुत सुन्दर तेरा संसार ऐ संसार के मालिक
मगर जब सामने तू है तो सपना कौन देखेगा
अदाए मस्त से बेख़ुद न कीजे सारी महफ़िल को
तमाशाई न होंगे तो तमाशा कौन देखेगा
मुझे बाज़ार की ऊँचाई-नीचाई से क्या मतलब
Good morning,shayaripub.in
ज़िंदगी ऐसे ही नहीं संवरती है,,,,,
कई सुख और दुःख की सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं,,,,,,
तब जाकर खुशियों की छत नसीब होती है।
Good morning,shayaripub.in
ये तलब , ये बेचैनियाँ
ये सारी की सारी रौनकें तुमसे ही हैं ...
लोग कहते हैं इश्क जिसे मेरे हमदम
Good evening
कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के...
इस जगह भी ठहरे थे कभी काफ़िले मोहब्बत के......
Shayaripub.in
पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे साथ..!!
तो हमने जमीं पर अपना साया दिखा दिया....!!!!
good night
अंधेरे हैं तो कुछ दिये जला लिया करो
चाय पर दोस्तों को बुला लिया करो
Shayaripub.in
जंगल में घूमते हिरन जैसी तुम
सूरज की पहली किरण जैसी तुम
दूर पहाड़ों से गिरते झरने जैसी तुम
बारिश के बाद फूलों के संवरने जैसी तुम
इटली के किसी पुराने शहर जैसी तुम
रेगिस्तान में मीठी नहर जैसी तुम
अचला एस गुलेरिया
Good morning
ना रईस हूं ना अमीर हूं
ना मैं बादशाह ना मैं फकीर हूं
.
तेरा इश्क है मेरी सल्तनत,
मैं उस सल्तनत का वज़ीर हूं...!!!
Good night
मुझे तुमसे मोह है या प्रेम
ये मुझे नहीं पता किंतु
विकल्प से भरे इस संसार में,
ये मन केवल तुम्हारा हो कर
रह जाना चाहता है....
बैठना चाहता है अगली सीट पर
तुम्हारे दिल की कार में
Good morning,shayaripub.in
तुम कभी मुझको कलेजे से लगाकर आजमाना,
झूठ कहती है ये दुनिया आदमी रोता नहीं है!
Shayaripub.in
Good morning ,shayaripub.in
इतना आसान नहीं है.............
मुझे पढ़ना.......................
हल्की स्याही से लिखी हुई.....
गहरी किताब हूं मैं............!!
Good morning
कर्म भूमि है दुनियां
श्रम सभी को करना है…
भगवान सिर्फ लकीरें देता है,
रंग हमें ही भरना है..
shayaripub.in
अहंकार तब उत्पन्न होता है जब
हम यह भूल जाते हैं कि प्रशंसा हमारे
गुणों की हो रही है हमारी नहीं।
Shayaripub.in
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
good night
बड़ी हसरत से देखते हो चांद को कोई वहां रहता है क्या तुम्हें साथ देख कर मेरे तुमसे कुछ कहता है क्या Shayaripub.in
-
जग तो देखे महज प्रस्तुतीकरण तुम्हारा ईश्वर सदा ही देखे अंतः करण तुम्हारा धर्म-कर्म सब उसको अर्पित कर दो अपने सहज भाव से पूरे हो...
-
वो हमारे दिल से निकलने का रास्ता भी नहीं ढूंढ सके जो कहते थे.. तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम.. Shayaripub.in