romantic shayari# शायरी#

राज जी जो बहुत सुंदर शायरी,गजल रुवाइयां लिखते हैं
उनके शब्द आपकी नजर कर रही हूँ 

तू ही बता ए दिल कि तुझे समझाऊं कैसे,
जिसे चाहता है तू उसे नज़दीक लाऊँ कैसे,

यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा,
मगर उस एहसास को ये एहसास दिलाऊं कैसे।
                       राज
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romantic shayari# hindi shayari dil se

अपनी दिल की बेचैनियों से मैं छुटकारा चाहता हूं 
बैठो सामने मेरे और तुम ज़रा मुस्कुरा दो 

फूलों को अपने ख़ुशबू पे बड़ा नाज़ होता है 
सुनो तुम अपने भीगे बालों की खुश्बू हवाओं में उड़ा दो…❤️
               Vishnu  ji ki kalam se
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emotional shayari

jai siya ram# जय सियाराम #

                         कोई किसीको सुख नहीं देता....
कोई किसीको दुख नहीं देता....
 कर्म भोग भोगते हैं....

मेरे युवान भाई बहन ....
सुख सपना.... दुख बुदबुदा ....

सुख क्या है ?....सपना ....
दुख क्या है ?... बुदबुदा ....
कब तक रहेगा ?....

सुख सपना.... दुख बुदबुदा....
 दोनों है मेहमान.....

 मेहमान कितना ठहरता है ?...कोई 2 दिन ...कोई 5 दिन.... यही एक समबल है जीवन का ....
मायूस कभी मत होना राम कथा सुनने के बाद .....

लक्ष्मण समझा रहा था गुह को ....

तो युवान भाई-बहन ....
सुख सपना ...दुख बुदबुदा ...
दोनों है मेहमान ....
स्वागत दोऊ का कीजिए.....
 जिसको भेजे भगवान.....

 कभी सुख नामक मेहमान को ठाकुर जी भेजें... कभी दुख को भेजे ....तो सन्मान हमारा अधिकार ....ये  ठाकुर जी ने भेजा है ....

और ध्यान रखना मेरे युवान भाई बहन ....अपना दुख है ना... थक जाता है ना... तो थोड़ा शॉल ओढ़कर सो जाता है ....तब हमको लगता है सुख ही है ....बाकी कोई सुखी नहीं ...वो जैसे ही चादर फेंककर उठेगा तो वैसे का वैसा सामने खड़ा रहेगा साहब.....

                मानस अयोध्या कांड 
                      जय सियाराम
       


                       ⚘अत्रिद्वारा श्रीरामस्तुति⚘
          . ⚘ नमामि भक्त वत्सलं ।कृपाल् शील कोमलं।।⚘
                 ⚘ भजामि ते पदांबजं। अकामिनां स्वधामदं।॥⚘
                 ⚘निकाम श्याम सुंदरं। भवाम्बुनाथ मंदरं।⚘
             ⚘प्रफुल्ल कंज लोचनं। मदादि  दोष मोचनं॥⚘
               ⚘प्रलंब बाहु विक्रमं । प्रभोऽप्रमेय वैभवं।⚘
              ⚘निषंग चाप सायकं। धरं त्रिलोक नायकं॥⚘
                ⚘दिनेश वंश मंडनं। महेश चाप खंडनं।।⚘
                ⚘मुर्नींद्र संत रंजनं । सुरारि वृंद भंजनं।॥⚘
               ⚘मनोज वैरि वंदितं। अजादि देव सेवितं।⚘
                ⚘विशुद्ध बोध विग्रहं। समस्त दूषणापहं ॥⚘
              ⚘नमामि इंदिरा पतिं। सुखाकरं सतां गतिं।⚘
             ⚘भजे सशक्ति सानुजं। शची पति प्रियानुजं ॥⚘
             ⚘त्वदंघ्रि मूल ये नराः। भजंति हीन मत्सराः:।⚘
                ⚘पतंति भवार्णवे। वितर्क वीचि संकुले॥⚘
              ⚘विविक्त वासिनः सदा। भजंति मुक्तये मुदा।⚘
          ⚘निरस्य इंद्रियादिकं। प्रयांति ते गतिं स्वकं ॥⚘
         ⚘तमेकमभ्दुत॔ प्रभुं। निरीहमीश्वर विभुं।⚘
          ⚘जगद्गुरुं च शाश्वतं । तुरीयमेव केवलं॥⚘
      ⚘भजामि भाव वल्तल्भं । कुयोगिनां सुदु्लभं ।⚘
           ⚘स्वभक्त कल्प पादपं। समं सुसेव्यमन्वहं ॥⚘
         ⚘अनूप  रूप भूपतिं । नतोऽहमुर्विजा पतिं⚘
          ⚘प्रसीद मे नमामि ते।पदाब्ज भक्ति देहि मे॥⚘
              ⚘पठंति ये स्तवं इदं। नरादरेण ते पदं।।⚘
          ⚘व्रजंति नात्र संशयं । त्वदीय भक्ति संयुता: ॥⚘
      ⚘बिनती करि मुनि नाइ सिरु कह कर जोरि बहोरि।⚘
        ⚘ चरन सरोरुह नाथ जनि कबहुँ तजै मति मोरि॥⚘
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#emotional shayari # शायरी#

मेरी महबूबा की शर्मो हया का है अज़ब  हीआलम.

मेरे अल्फाज तो पढ़ती है मेरी आँखें नहीं पढ़ती.
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#romantic shayari# #शायरी#


दिदार न सही पर कुछ पल के लिए,,,
मैंने उन हवाओं को महसूस किया..
जिन फिजाओं मे तुम सांस लेती हो..
⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘
महज़ एक बूंद का सैलाब हो जाना, 

इश्क़ की कशिश है बेहिसाब हो जाना...
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emotional shayari

एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है,
 कोई जी लेता है जिंदगी, किसी की कट जाती है।
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romantic shayari #शायरी#


एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है,
 कोई जी लेता है जिंदगी, किसी की कट जाती है।

*ये जो उसने खुद को बदला है,*

*अब कौन बतायेगा ये बदला है या बदला है?*

मैं खामोश पड़ा कोई दरवाजा हूँ,

और तू वो हाथ है जो कभी दस्तक नहीं देता।
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#romantic shayari# शायरी #




               तुम सोने ही कहां देती हो,
          कभी बाँहो मे भर अंगड़ाई लेती हो,
                कभी मस्तक को चूम लेती हो,
                  कभी आंखों मे आँखे डाल,
                        मुझे बैचेन करती हो,,
                  कभी नासिका को छूती हो,
              कभी गालों की चुटकी लेती हो,,
                  तुम बड़ी बैचेन करती हो,
            जब होंठो को होंठो से चूम लेती हो,,
                 कभी सीने पे मस्तक रख,
                       तुम मुस्कुराती हो,,
                हाथों की पोरों मे जब तुम ,
                       उंगलियों से,
                    अठखेली करती हो,
                 बड़ी मासूम लगती हो, 
                    बड़ी शौख लगती हो,,
             तेरी चंचल अदा मुझको सदा,
                        बैचेन करती है,
                  मैं कब तक रखूं काबू मे,
                   अपनी भावनाओ को,
                  तुझे तो सोचते ही मेरा,
                     तन मन डोल जाता है,,
                  तुझमे समाने की चाहत मे,
                  मै  सब कुछ भूल जाता हूँ,,
               फिर तुम मुझमे डूब जाती हो,
                       मैं तुममे डूब जाता हूँ,,
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⚘आपके दीदार के लिए दिल तड़पता है,⚘
⚘आपके इंतजार में दिल तरसता है,⚘
⚘क्या कहें इस कम्बख्त दिल को,⚘
⚘अपना हो कर भी आप के लिए धड़कता है।⚘
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emotional shayari#शायरी

सर्द हवाओं को भी 
फ़िक्र है मेरी..छू कर तुझे 
टकरा जाती हैं मुझसे ..
फ़क़त ..तू बेख़बर है मुझसे..
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Kisi ne khoob likha hai

पता ही नहीं चला*
अरे यारों कब 40+, 50+ के हो गये 
             पता ही नहीं चला। 
कैसे कटा 21 से 51 तक का यह सफ़र 
               पता ही नहीं चला 
क्या पाया  क्या खोया  
क्यों खोया 
               पता ही नहीं चला 

बीता बचपन  गई जवानी  कब आया बुढ़ापा 
               पता ही नहीं चला 

कल बेटे थे  आज ससुर हो गये 
               पता ही नहीं चला 

कब पापा से नानु बन गये 
               पता ही नहीं चला 

कोई कहता सठिया गये  कोई कहता छा गये 
                  क्या सच है 

              पता ही नहीं चला 

पहले माँ बाप की चली  फिर बीवी की चली 
              अपनी कब चली    
           पता ही नहीं चला 

बीवी कहती अब तो समझ जाओ 
             क्या समझूँ  क्या न समझूँ 
न जाने क्यों 
               पता ही नहीं चला 
        
दिल कहता जवान हूं मैं 
उम्र कहती नादान हुं मैं 
               इसी चक्कर में  कब घुटनें घिस गये 
               पता ही नहीं चला 

झड गये बाल  लटक गये गाल  लग गया चश्मा 
           कब बदलीं यह सूरत 
               पता ही नहीं चला 

मैं ही बदला  या बदले मेरे यार 
             या समय भी बदला 
     कितने छूट गये    
कितने रह गये यार 
               पता ही नहीं चला 

कल तक अठखेलियाँ करते थे यारों के साथ 
                आज सीनियर सिटिज़न हो गये 
              पता ही नहीं चला 

अभी तो जीना सीखा है   
कब समझ आई
                                 
पता ही नहीं चला 

आदर  सम्मान  प्रेम और प्यार 
                 वाह वाह करती 
कब आई ज़िन्दगी 
                पता ही नहीं चला 

बहु  जमाईं नाते पोते  ख़ुशियाँ लाये  
ख़ुशियाँ आई 
               कब मुस्कुराई   उदास ज़िन्दगी 
               पता ही नहीं चला 

 जी भर के जी ले प्यारे   
फिर न कहना
                               
मुझे पता ही नहीं चला। 
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happy new year # नववर्ष की शुभकामनाएँ

सूर्य संवेदना पुष्पे:, दीप्ति कारुण्यगंधने|*
*लब्ध्वा शुभम् नववर्षेअस्मिन् कुर्यात्सर्वस्य मंगलम् ||

*जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदना करुणा को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है, उसी तरह इस नूतन वर्ष का हर दिन, हर पल आपके एवं आपके प्रियजनों के लिए शुभ हो, मंगलमय हो एवं खुशियों से महकता रहे

ह्रदय की असीम गहराइयों से आप सभी को नववर्ष 2022की हार्दिक शुभ मंगलकामनायें ।।

⚘नव वर्ष
हर्ष नव
जीवन उत्कर्ष नव⚘

⚘नव उमंग
नव तरंग
जीवन का नव प्रसंग⚘

⚘नवल चाह
नवल राह
जीवन का नव प्रवाह⚘

⚘गीत नवल
प्रीति नवल
जीवन की रीति नवल
जीवन की नीति नवल
जीवन की जीत नवल⚘

⚘⚘नव वर्ष 2022 की हार्दिक शुभकामनाएं⚘⚘
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Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...