मोहब्बत सिर्फ़ दो जिस्मों की दास्तां नहीं साहब......
Shayari means "poetry" in english. But even after being synonymous to each other , both represent a very different depth to expression of the writer. Shayari is magical as it can mean different for every set of eyes that taste it through the sense of sight. It has no topic or a targeted demographic. It is made for everyone and everything. Though the great works in Shayari cannot be replicated but yes a new content based on our modern society can be created. The timelessness of shayari awaits.
#जय# सीयाराम#
⚘नाह नेहु नित बढ़त बिलोकी।⚘
⚘हरषित रहति दिवस जिमि कोकी॥⚘
⚘सिय मनु राम चरन अनुरागा। ⚘
⚘अवध सहस सम बनु प्रिय लागा॥ ⚘
अर्थ:-स्वामी का प्रेम अपने प्रति नित्य बढ़ता हुआ देखकर सीताजी ऐसी हर्षित रहती हैं, जैसे दिन में चकवी! सीताजी का मन श्री रामचन्द्रजी के चरणों में अनुरक्त है, इससे उनको वन हजारों अवध के समान प्रिय लगता है॥
श्री रामचरित मानस
अयोध्याकांड (१३८)
emotional shayari
राज जी के अल्फाज़
बात आपसे क्या हुई, बीमार को दवा मिल गई।
शुष्क बेजान सांसों को, ताजा हवा मिल गई।
कबसे खड़ी थी आहें, पलकें बिछाए राहों पर
महज़ आहट ही से आपकी, रातें जवां मिल गई।
खिल गया गुलाब कोई, लब-ए-रुख़्सार पर मेरे
ठहरी सी जि़ंदगानी को, रौनके फि़जा़ मिल गई।
आपकी याद का मौसम, अब मुझ पर छा गया
इस बीमार-ए-दिल को, फिर से दवा मिल गई।
एक दस्तक रह गयी दरमियां, बस मेरे और तुम्हारे
हरे कृष्ण
आपकी तारीफ कर सकूं,
मेरे शब्दों में इतना ज़ोर नहीं
बस इतना कहता हूं स्वामी
कि तुम जैसा कोई और नहीं.।।
emotional shayari
⚘मुझे फुर्सत ही कहाँ कि
मौसम सुहाना देखूँ,⚘
⚘तेरी यादों से निकलूँ
तभी तो जमाना देखूँ।⚘
jai siyaram
छिनु छिनु लखि सिय राम पद जानि आपु पर नेहु।
करत न सपनेहुँ लखनु चितु बंधु मातु पितु गेहु॥
अर्थ:-क्षण-क्षण पर श्री सीता-रामजी के चरणों को देखकर और अपने ऊपर उनका स्नेह जानकर लक्ष्मणजी स्वप्न में भी भाइयों, माता-पिता और घर की याद नहीं करते॥
श्री रामचरित मानस
#friends#emotionalshayari#
⚘इज़्ज़त मांगी नही जाती साहब...
इज़्ज़त तो कमाई जाती है.....⚘
और,
⚘दोस्ती सिर्फ खुशी में शरीक होना नही....
ये हर मुश्किल,हर गम में निभाई जाती है.....⚘
emotional shayari
छोड़ो ये बहस और तकरार की बातें
ये बताओ रात को आज सपने में क्यूँ नहीं आये..!!
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दिखने की चीज़ है न दिखाने की चीज़ है
उल्फ़त तो यार दिल से निभाने की चीज़ है
बेशक है धन ज़रूरी गुज़ारे के वास्ते
इज़्ज़त भी यार जग में कमाने की चीज़ है
कर के भलाई पल में जताते हो किसलिए
नेकी तो यार कर के भुलाने की चीज़ है
रहने दो राज़ कोई तो सीने में दफ़्न तुम
हर बात कब किसी को बताने की चीज़ है
यारों मत नुमाया इबादत को कीजिये
नामे रब तो दिल में बसाने की चीज़ है
हिन्दी शायरी दिल से
emotional shayari#trurh#
सुनील. कुमार मेहता जी की कलम से
अब sms से ही हो जाते दिली इज़हार
खतों से इज़हारे दिल जाने ज़माना हो गया
उनकी नाज़ुक उंगलियों से पकडी कलम से पिरोए मोती
खतों में देखे भी ज़माना हो गया
वक्त ने ली है ऐसी करवटें
कि ख़त का बेसब्री से इंतजार करती
धड़कन का एहसास किये भी ज़माना हो गया
emotional shayari
⚘⚘मैंने हक दिया है तुझको मेरे साथ दिल्लगी का, ⚘⚘
⚘⚘मेरे दिल से खेल जब तक तेरा दिल बहल न जाये।⚘⚘
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वो हमारे दिल से निकलने का रास्ता भी नहीं ढूंढ सके जो कहते थे.. तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम.. Shayaripub.in