good morning, suparbhat,hare krishna


        चरावत बृन्दावन हरि धेनु।
ग्वाल सखा सब संग लगाए, खेलत हैं करि चैनु ।
कोउ गावत, कोउ मुरलि बजावत, कोउ बिषान कोउ बेनु।
कोउ निरतत कोउ उघटि तार दैं, जुरी व्रज-बालक-सैनु।
त्रिबिधि पवन जहेँ बहत निसदिन सुभग कुंज घन ऐनु।
सुर स्याम. निज धाम बिसारत, आवत यह सुखलेनु ।। 1
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कृष्ण की गो-चरण-लीला का वर्णन करते हुए सूरदास कहते हैं- श्रीहरि वृन्दावन में गायेचरा रहे हैं। वे सभी गोप-सखाओं को साथ लेकर आानन्दपूर्वक खेल रहे हैं। कोई गा रहा है तो काई
मुरली, कोई विषाण और कोई वेणु बजा रहा है। कोई नाच रहा है, और कोई ताल देकर एक सम पर ताली बजा रहा है। इस प्रकार ब्रज-बालकों की सेना एकत्र हो गई है।
जहाँ पर तीनों प्रकार की शीतल  मन्द,और सुगंधित हवा रात-दिन चलती रहती हैं, और जहाँ पर सुन्दर तथा गहन कुंज हैं।
जो श्रीहरि के निवास -स्थान हैं। सूरदास जी कहते हैं कि श्यामसुन्दर (श्रीहरि) अपने धाम बैकुंठ को छोड़कर वृन्दावन में यह अपूर्व सुख लेने के लिए आते हैं ।



shayari, good morning

Copied 

कहाँ पर बोलना है और कहाँ पर बोल जाते हैं
जहाँ खामोश रहना है वहाँ मुँह खोल जाते हैं 

कटा जब शीश सैनिक का तो हम खामोश रहते हैं
कटा एक सीन पिक्चर का तो सारे बोल जाते हैं 

ये कुर्सी मुल्क खा जाए तो कोई कुछ नही कहता
मगर रोटी की चोरी हो तो सारे बोल जाते हैं 

नयी नस्लों के ये बच्चे जमाने भर की सुनते हैं
मगर माँ बाप कुछ बोले तो बच्चे बोल जाते है 

फसल बर्बाद होती है तो कोई कुछ नही कहता
किसी की भैंस चोरी हो तो सारे बोल जाते हैं 

बहुत ऊँची दुकानो मे कटाते जेब सब अपनी
मगर मजदूर माँगेगा तो सिक्के बोल जाते हैं 

गरीबों के घरों की बेटियाँ अब तक कुँवारी हैं
कि रिश्ता कैसे होगा जबकि गहने बोल जाते हैं 

अगर मखमल करे गलती तो कोई कुछ नही कहता
फटी चादर की गलती हो तो सारे बोल जाते हैं 

हवाओं की तबाही को सभी चुपचाप सहते हैं
च़रागों से हुई गलती तो सारे बोल जाते हैं 

बनाते फिरते हैं रिश्ते जमाने भर से हम अक्सर
मगर घर मे जरूरत हो तो रिश्ते बोल जाते हैं.
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shayari,hindi kavita,

हम पर न सही, खुद पर यकीं कर लिया होता..

 दिल की दीवारों पर लिखा, पढ़ लिया होता... 
           
              hindi shayari dil se


Hum per na sahi khud per yahin kar liya hota
Dil ki dibaron per likha pad liya hota

Good morning

कब कहां कौन कैसे बदला,
ये सबका हिसाब रखता है

ये दिल  भी अपने पास
 एक दिमाग रखता है
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.कुछ ख्वाइश कुछ हसरत अभी बाकी है 
टूट कर भी लगता है , टूटना अभी बाकी है ...
बिखर कर भी अभी बिखरे नहीँ हम 
शायद जिन्दगी के बहुत से सितम अभी बाकी है  ....
                      Hindi shayari dil se           

Good morning


तरस रहे हैं बडी मुद्दतों से हम
अपनी मोहब्बत का इजहार लिख दो

दीवाने हो जाऐं जिसे पढ़ कर 
कुछ ऐसा तुम इक बार लिख दो
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हरे कृष्ण, good morning

🌼कर्तव्य ऐसा आदर्श मित्र है           
    जो कभी धोखा नहीं दे सकता,🌼
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🌼धैर्य एक ऐसा कड़वा पौधा है,
जिस पर फल हमेशा मीठे आते🌼

Shayari,Good morning

♥️सुकून से तेरी तस्वीर देख कर खुद को,
      महफूज़ कर लेते हैं..♥️

♥️तन्हाई में जब भी तेरी याद आये,
      तुझे महसूस कर लेते हैं...!!!♥️
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Good morning, hare krishna

                                    राधे राधे

                कृष्ण तेरी मेरी प्रीत पुरानी ,
                   शक की ना गुंजाइश है ! 

              ! रखना हमेशा चरणों में ही ,
                 छोटी सी ये फरमाइश है ! 

                    I I जय श्री राधे कृष्ण l l

     .         कभी भी
अपनी बुद्धि और योग्यता का
अभिमान न करें।
कहने का तात्पर्य यह है कि 
आप चाहे कितने ही निपुण हैं,
कितने ही बुद्धिवान हैं,
कितने ही महान एवं विवेकपूर्ण हैं
लेकिन आप स्वंय हर परिस्थिति के ऊपर
पूर्ण नियंत्रण नहीँ रख सकते।
आप सिर्फ अपना प्रयास कर सकते हैं
और उसकी भी एक सीमा है।
जो सीमा से आगे की बागडोर संभलता है 
उसी का नाम परमात्मा है।
इसलिये जो भी कार्य करें परमात्मा को
पूरी तरह समर्पित कर के करें
साक्षी मान कर करें।
          सतगुरु नमन

हरे कृष्णा, good morning

                आकर्षण है तो संसार है,
                 समर्पण है तो परमात्मा है 

               
                         आनंदसागर 

        सुखी जीवन जीने का सिर्फ एक ही रास्ता है वह है अभाव की तरफ दृष्टि ना डालना। आज हमारी स्थिति यह है जो हमें प्राप्त है उसका आनंद तो लेते नहीं, वरन जो प्राप्त नहीं है उसका चिन्तन करके जीवन को शोकमय कर लेते हैं।

         दुःख का मूल कारण हमारी आवश्कताएं नहीं हमारी इच्छाएं हैं। हमारी आवश्यकताएं तो कभी पूर्ण भी हो सकती हैं मगर इच्छाएं नहीं। इच्छाएं कभी पूरी नहीं हो सकतीं और ना ही किसी की हुईं आज तक। एक इच्छा पूरी होती है तभी दूसरी खड़ी हो जाती है।

          इसलिए शास्त्रकारों ने लिख दिया
*आशा हि परमं दुखं नैराश्यं परमं सुखं*
दुःख का मूल हमारी आशा ही हैं। हमें संसार में कोई दुखी नहीं कर सकता, हमारी अपेक्षाएं ही हमे रुलाती हैं। 

अति इच्छा रखने वाले और असंतोषी हमेशा दुखी ही रहते हैं। 


          

shayari

हमारे दिल के दफ़्तर में तबादले कहाँ 

:::::;   ऐ दिलरुबा:::::::

यहाँ जो एक बार आया बस यहीं रह गया

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सुलगते रहते हैं कुछ सवाल ज़हन में,

आजकल के रिश्ते बुझे-बुझे से क्यूँ हैं।।

🍁🍁🍁🍁सुलगते रहते हैं कुछ सवाल ज़हन में,

🍁🍁🍁🍁🍁आजकल के रिश्ते बुझे-बुझे से क्यूँ हैं।।
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Good morning, har har mahadev

🌷🌷🌷छल करोगे तो छल मिलेगा
🌷🌷🌷आज नहीं तो कल मिलेगा

🌷🌷🌷अगर जियोगे जिंदगी सच्चाई से
🌷🌷🌷तो सकून हर पल मिलेगा

🌷🌷🌷🌷Shayaripub.com 🌷🌷🌷

84 महादेव मंदिर कहाँ है तथा इसका इतिहास क्या है ?
पूरे विश्व में एक ही जगह है उज्जैन जहां पर , 84 महादेव हैं ।

दूषण नाम का राक्षस था उसको वर था , कि जहां उसका रक्त गिरेगा वहां पर 84 रूप धारण कर लेगा । शिव पुराण के अनुसार 84 महादेव शंकर भगवान की बहन थी श्री प्रिया अर्थात आज इसे क्षिप्रा नदी कहते हैं ।

दूषण राक्षस को मारने के लिए शंकर भगवान ने कहा कि , अगर श्री प्रिया जल के रूप में आए , तो जैसे ही मैं राक्षस को मारूंगा तो इसका रक्त पानी में घुल जाएगा और इसका जन्म नहीं होगा अर्थात यह 84 रूप में नहीं बनेगा , जैसे ही शंकर भगवान ने दूषण राक्षस को मारा तो शिप्रा को आने में ,देरी हो गई तो राक्षस ने 84 रूप धारण कर लिए ।

चारो और हाहाकार हो गया इसे देखकर बहन शिप्रा ने अपने भाई शंकर पर जल की वर्षा कर दी , जैसे ही जल बहा , तो शंकर जी के 84 टुकड़े हो गए और दूषण राक्षस के 84 रूप , का संहार कर दिया यह टुकड़े पूरी उज्जैनी में , महादेव की रूप मैं है ।

84 महादेव की चित्र सहित सूची इस प्रकार है…

(1) श्री अगस्तेश्वर महादेव : हरसिध्दि मंदिर के पीछे संतोषी माता के मंदिर मे यात्रा यही से प्रारंभ होती है , तथा अन्त मे पुनः श्री अगस्तेश्वर महादेव के दर्शन -पूजन के उपरांत संपूर्ण होती है।


(2) श्री गुहेश्वर महादेव : शिप्रा किनारे रामघाट पर बिना शिखर का मंदिर , श्री धर्मराजजी मंदिर के पास नदी किनारे।


(3) श्री ढूंढेश्वर महादेव : शिप्रा किनारे रामघाट के सामने सीढी पर बाए हाथ पर।


(4) श्री डमरूकेश्वर महादेव : रामघाट पर राम सीढी पर।


(5) श्री अनादिकल्पेश्वर महादेव : महाकाल मंदिर क्षेत्र के जूना महाकाल मंदिर के पास।


(6) श्री स्वर्णज्वालेश्वर महादेव : राम सीढी पर श्री ढूंढेश्वर महादेव के ऊपर।


(7) श्री त्रिविष्टेश्वर महादेव : महाकाल मंदिर क्षेत्र मे ओंकारेश्वर मंदिर के पीछे महाकाल के सभा मंडप की सीढी के पास।


(8) श्री कपालेश्वर महादेव : श्री अवन्तिपाश्वनाथ तीर्थ के चौराहा से बड़े पुल जाने पर घाटी पर बाए हाथ पर।


(9) श्री स्वर्णद्वारपालेश्वर महादेव : महाकाल के चौराहा से हरिफाटक ब्रिज जाने पर बाए हाथ पर पुलिया के नीचे।


(10) श्री कर्कोटेश्वर महादेव : हरसिध्दि मंदिर के परिसर मे।


(11) श्री सिद्धेश्वर महादेव : सिद्धनाथ मंदिर मे सिद्धनाथ घाट के नये दरवाज़े के पास।


(12) श्री लोकपालेश्वर महादेव : कार्तिक चौक से रघुवंशी मार्ग से दाए हाथ के तरफ की गली मे सीधे चौक मे।


(13) श्री मनकामेश्वर महादेव : शिप्रा नदी के छोटे पुल से रामघाट जाने के मार्ग , गधर्व घाट पर उदासीन अखाड़े के पास।


(14) श्री कुटुम्बकेश्वर महादेव : कार्तिक चौक सिंहपुरी मे श्री गोवर्धन नाथजी की हवेली (पुष्टिमार्गीय ) से आगे।


(15) श्री इंददयुम्नेश्वर महादेव : पटनी बाजार से मोदीजी के गली मे खोखो माता मंदिर से पहले।


(16) श्री ईशानेश्वर महादेव : श्री इंददयुम्नेश्वर महादेव से पहले।


(17) श्री अप्सरेश्वर महादेव : पटनी बाजार के पास सुगंधी गली मे।


(18) श्री कलकलेशश्वर महादेव : श्री ईशानेश्वर महादेव से आगे की पहली गली मे दाए हाथ तरफ।


(19) श्री नागचंद्रेश्वर महादेव : पटनी बाजार के पास नागनाथ की गली मे।


(20) श्री प्रतिहारेश्वर महादेव : श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के परिसर मे।


(21) श्री कुक्कुटेश्वर महादेव : शिप्रा नदी के छोटे पुल से रामघाट जाने के मार्ग पर उदासीन अखाड़े के पास।


(22) श्री कर्कटेश्वर महादेव : ढाबा रोड से दानी गेट पर श्री पोरवाल धर्मशाला के पास गली से सीधे अंदर सीधे हाथ पर।


(23) श्री मेघनादेश्वर महादेव: सतीगेट से गोपाल मंदिर मार्ग पर पहली गली, छोटा सराफा में नरसिंग मंदिर के पीछे।


(24) श्री महालयेश्वर महादेव : श्री सिद्धेश्वर महादेव के पीछे लेफ्ट साइड की गली में चौक में।


(25) श्री मुकक्तेश्वर महादेव : श्री सिद्धेश्वर महादेव के पीछे राइट साइड की गली में लेफ्ट साइड की पहली गली में अंदर।


(26) श्री सोमेश्वर महादेव : श्री अवन्तिपाश्वनाथ तीर्थ के चौराहा से बड़े पुल जाने पर घाटी पर राइट साइड में रोड पर।


(27) श्री अनकेश्वर महादेव: आगर रोड पर मकोडियाम चौराहे से अंकपात जाने के मार्ग पर बिजली घर से आगे लेफ्ट साइड की पहली गली इनिदरा नगर में पानी की टंकी से पहले की गली में अंदर।


(28) श्री जटेशश्वर महादेव : अंकपात चौक से मकोडियाम जाने की सड़क पर मंदिर के आँगन में नया मंदिर।


(29) श्री रामेश्वर महादेव: सती दरवाजे के पास रामेश्वर गली में।


(30) श्री च्यवनेश्वर महादेव : अंकपात से इंदिरा नगर जाने के मार्ग में ईद गहा के पास।


(31) श्री खंडेश्वर महादेव: आगर रोड मकोडियाम से आगे आर डी गार डी कॉलेज के रोड पर ही खिलची पर गाँव में टीले पर।


(32) श्री पत्तेश्वर महादेव : आगर रोड मकोडियाम से आगे आर डी गार डी कॉलेज के रोड पर पुलिया से पहले।


(33) श्री आनंदेश्वर महादेव : चक्क्रतीर्थ के गेट से आगे राइट साइड में ऊपर।


(34) श्री कन्थडेश्वर महादेव : सिद्धनाथ मंदिर के सामने की गली में भैरवगढ़ गाँव के अंदर , ऊपर घाटी पर।


(35) श्री इन्द्रेश्वर महादेव: श्री अवन्तिपाश्वनाथ तीर्थ के चौराहा से बड़े पुल जाने पर घाटी के ठीक ऊपर रोड पर लेफ्ट साइड में रोड पर।


(36) श्री मार्कण्डेश्वर महादेव: अंकपात मार्ग में राम लक्ष्मण मंदिर के पास विष्णुसागर पर।


(37) श्री शिवेश्वर महादेव : राम लक्ष्मण मंदिर की सीढ़ी पर।


(38) श्री कुसुमेश्वर महादेव : राम लक्ष्मण मंदिर परिसर में द्वारकाधीश मंदिर की सीडी के नीचे।


(39) श्री अक्रूरेश्वर महादेव : राम लक्ष्मण मंदिर के बाहर ठीक सामने।


(40) श्री कुण्डेश्वर महादेव : अंकपात में अंकपात चुरहे से आगे बैठक जी के परिसर में।


(41) श्री लुम्पेश्वर महादेव :भैरव गढ़ पुल के पार सीधे हाट की तरफ पुलिस लाइन में अंदर।


(42) श्री गंगेश्वर महादेव : मंगल नाथ चौक में नदी के किनारे।


(43) श्री अंगारेश्वर महादेव : मंगल नाथ के पीछे कामड़ गाँव में।


(44) श्री उत्तरारेश्वर महादेव : मंगलनाथ चौक में श्री गंगेश्वर महादेव के आगे।


(45) श्री त्रिलोचनेश्वर महादेव : मंगलनाथ रोड से लालबई फुलबई मार्ग में लेफ्ट साइड की गली में राईट साइड की गली में।


(46) श्री वीरेश्वर महादेव : ढाबा रोड सत्यनारायण मंदिर के पास।


(47) श्री नुपूरेश्वर महादेव : डाबरीपीठा मे सुतरगली मे।


(48) श्री अभयेश्वर महादेव : ढाबा रोड से दानी गेट पर श्री पोरवाल धर्मशाला से आगे नदी मार्ग पर लेफ्ट साइड की पहली गली मे अंदर।


(49) श्री प्रथुकेश्वर महादेव : शिप्रा नदी के छोटे पुल से राम बाग़ जाने के मार्ग पर नदी की रपट के पास श्री कैदारेशश्वर महादेव मे।


(50) श्री स्थावरेश्वर महादेव : श्री कालिदास मोन्टेसरी स्कूल बाम्बाखाना के सामने , नईपेठ मे शनि मंदिर में अंदर।


(51) श्री सुलेश्वर महादेव : ढाबा रोड से दानी गेट पर श्री पोरवाल धर्मशाला के पास मे गली से आगे श्री कर्कटेश्वर महादेव से आगे लेफ्ट साइड की गली में अंदर।


(52) श्री ओंकारेश्वर महादेव :गोपाल मंदिर से कमरी मार्ग जाते समय लेफ्ट साइड की पहली गली से सीधे अंदर।


(53) श्री विश्वेश्वर महादेव : श्री ओंकारेश्वर महादेव से आगे राइट साइड की गली के कोने पर।


(54) श्री नीलकण्ठेश्वर महादेव: पीपलीनाका चौराहा से बी पास रोड पर राइट साइड में रोड पर।


(55) श्री सिंहेश्वर महादेव: गढकालिका मे गणपति मंदिर से आगे।


(56) श्री रेवन्तेवर महादेव : खाती मंदिर से कार्तिक चौक मार्ग पर मंदिर मे।


(57) श्री घण्टेश्वर महादेव: कार्तिक चौक के तिराहे पर।


(58) श्री प्रयागेश्वर महादेव : शिप्रा के बडेपुल से पीपलीनाका जाने के मार्ग मे ऋणमुक्तेश्वर मंदिर से पहले।


(59)श्री सिद्धेश्वर महादेव : गोपाल मंदिर के पीछे गली मे।


(60) श्री मातंगेश्वर महादेव : टंकी चौराहा के पास पिजारवाड़ी मे।


(61) श्री सौभाग्येश्वर महादेव : पटनी बाजार के पास सौभाग्येश्वर की गली मे।


(62) श्री रुपेशश्वर महादेव : सिंहपुरी मे आताल -पाताल भैरव से श्री गोवर्धन नाथजी के हवेली जाने के मार्ग मे लेफ्ट साइड की गली मे अंदर।


(63) श्री धनुसहस्त्रेश्वर महादेव : पिपलीनाका से तिलकेश्वर मंदिर के पास की गली मे अंदर , महाजन बस्ती मे।


(64) श्री पशुपत्तेश्वर महादेव : सब्जी मंडी से चक्रतीर्थ के बीच बाय पास मे पहली , गली मे घाटी ऊपर।


(65)-श्री ब्रह्मेश्वर महादेव : ढाबा रोड़ से दानी गेट मार्ग , पोरवाल धर्मशाला के पास को गली में अंदर बाये हाथ की पहली गली में।


(66) श्री जल्पेश्वर महादेव : बड़े पुल से गांधी उद्यान से पहले राइट साइड के रास्ते मे नदी के पास।


(67) श्री केदारेश्वर महादेव : शिप्रा नदी के छोटी पुलिया से राम बाघ मार्ग पर पुलिया के राइट साइड में मंदिर।


(68) श्री पिशाचमुक्तेश्वर महादेव : रामघाट पर नदी के किनारे।


(69) श्री संगमेश्वर महादेव :श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर के बाजू मे गेट से सीधे , नीचे सीढ़ी से नीचे।


(70) श्री दुर्घटेश्वर महादेव : शिप्रा नदी के गंधर्व घाट पर श्री मनकामनेश्वर महादेव के पास श्री कुक्कुटेश्वर महादेव के पास।


(71) श्री प्रयागेश्वर महादेव : कार्तिक चौक से रघुवंशी मार्ग से दाए हाथ के तरफ की गली मे सीधे चौक मे। श्री लोकपालेश्वर महादेव के पास।


(72) श्री चन्द्रादित्येश्वर महादेव : श्री महाकाल मंदिर के सभामंडप ,कुण्ड के पास मंदिर के अंदर , शंकराचार्या के मूर्ति के पास।


(73) श्री करभरेश्वर महादेव : भैरवगढ में कालभैरव मंदिर के सामने ,पुलिया के पास।


(74) श्री राजस्थलेश्वर महादेव : भागसीपुरा मे आनन्दभैरव के पास के गली मे , कोने पर।


(75) श्री बड़ेलेश्वर महादेव : श्री सिद्धनाथ मंदिर (भैरवगढ ) पर सिद्धवट के सामने।


(76) श्री अरुणेश्वर महादेव : रामघाट पर राम सीढी के किनारे , श्री धर्मराज महाराज के बाजू मे , राम सीढी से पहले।


(77) श्री पुष्पदन्तेश्वर महादेव : कार्तिक चौक के तिराहे , से रघुवंशी मार्ग जाने पर लेफ्ट साइड की गली मे घाटी के ऊपर।


(78) श्री अभिमुक्तेश्वर महादेव: सिंहपुरी मार्ग में मंगल नाथ से आगे।


(79) श्री हनुमंतेश्वर महादेव : गढकालिका क्षेत्र मे श्री सिंहेश्वर महादेव , से आगे।


(80) श्री स्वप्नेश्वर महादेव : श्री महाकाल मंदिर परिसर मे।


(81) श्री पिंगलेश्वर महादेव : फ्रीगंज से मक्सीरोड पर श्री सिंथेटिक फैक्ट्री के पास के रास्ते मे बहुत अंदर , रेलवे के पुलिया के नीचे होते हुए।


(82) श्री कायावरोहणेश्वर महादेव : त्रिवेणी से तपोभूमि के पास के रास्ते , से बहुत अंदर करोहण गावँ मे।


(83) श्री बिल्बकेश्वर महादेव : गंभीर डेम मार्ग पर , ग्राम अम्बोदिया में श्री सेवाधाम आश्रम के ठीक सामने।


(84) श्री दुर्दरेश्वर महादेव : आर. डी गार्डी मेडिकल कॉलेज से आगे , सीधे जैथल गावँ में बहुत अंदर।


इन 84 महादेव के प्रत्येक की अपनी कथा भी है।


     

Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in