love shayari,shayaripub.com

तुम्हारी  आरज़ू  में  गर  सभी  अरमान  दे दे तो ।
तुम्हें  भगवान  सा  पूजे  अगर  ईमान  दे  दे  तो ।
मिले हम सा अगर कोई तो हमसे भी मिला देना  
तुम्हारे  वास्ते   कोई अगर  जान  दे  दे तो


Good night

फिक्र ना करो हम कोई जंजीर नहीं है 

            कि पाँव से लिपट जाएंगे हमे तों मुहब्बत हैं 

खाक बनके तेरी राहों में बिखर जाएंगे
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Goodmorning

हर इश्क का बस यही अंजाम होता है,
कोई अजनबी से खास और फिर आम होता है.
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
शहर महंगा बहोत है और मैं कर्जे में हूँ,
सो अब दिलों में ही रहने का इंतज़ाम होता है.
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
शोहरत कुछ इस कदर कमाई है हमने,
गुनाह कोई करे हम पे ही इल्ज़ाम होता है.
                 🌷Shayaripub.com🌷

 फिक्र ना करो हम कोई जंजीर नहीं है 

            कि पाँव से लिपट जाएंगे हमे तों मुहब्बत हैं 

राख बनके तेरी राहों में बिखर जाएंगे
                 Hindi shayari dil se 

Good night

🌷इश्क का बस यही अंजाम होता है,🌷
🌷कोई अजनबी से खास और फिर आम होता है.🌷

🍁शहर महंगा बहुत है और मैं कर्जे में हूँ,🍁
🍁सो अब दिलों में  रहने का इंतज़ाम होता है.🍁

🌷शोहरत कुछ इस कदर कमाई है हमने,🌷
🌷गुनाह कोई करे हम पे ही इल्ज़ाम होता है.🌷
                 🌷Good night🌷

hare krishna, सुप्रभात ,shayaripub.com


🌼अधर-रस मुरली लुूटन लागी।🌼
जा रस कौं षट रितु तप कीन्ही, सो रस पियति सभागी।
कहाँ रही, कहेँ तैं यह आई, कौने याहि बुलाई ?
चक्रित भई कहति ब्रजवासिनि यह तौं भली न आई ।।
सावधान क्यौं होति नहीं तुम, उपजी बुरी बलाई ।
सूरदास प्रभु हम पर ताकौ, कीन्हौ सौति बजाई ।।


मुरली के प्रति सौतिया डाह मानती हुई गोपियां परस्पर चर्चा करती हुई कहती हैं कि हे सखी ! यह मुरली तो प्रिय कृष्ण के अधरों का रसपान करने लगी है; जिस अधरामृत को पान
करने की अभिलाषा में हमने छ. ऋ्तुओं का तप किया है, उसी अधरामृत को सभागी (सोभाग्यशालिनी) बनकर यह मुरली पी रही है। हे सखी हम तो कृष्ण के साथ बालपन से हैं, तब से तो यह नहीं
थी, फिर यह मुरली (हमारी सौत वनकर) अव तक कहां रही ? और अब कहां से आई है ? और इसे यहां बुलाया किसने है ? ब्रजबालाएं जितना-जितना मुरली के सम्बन्ध में सोचती हैं, उतनी-उतनी
भ्रमित और परेशान हो रही हैं, वे कहती हैं कि इस मुरली का आना और इस प्रकार कृष्ण पर एकाधिकार
जमा कर उनका अधरामृत पीना हम लोगों के लिए अच्छा संकेत नहीं है; तुम सब उसकी करतूतों को देखते हुए सावधान क्यों नहीं हो जातीं और इससे छुटकारा पाने का समय रहते उपाय क्यों नहीं
सोचती, क्योंकि यह तो हमारे और कृष्ण के प्रेम के बीच बहुत बुरी बला पैदा हो गई है। सूरदास कहते हैं कि लगता है कि जैसे कृष्ण ने इस मुरली को हमारे ऊपर सौत के रूप में घोषित कर दिया
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good morning, suparbhat,hare krishna


        चरावत बृन्दावन हरि धेनु।
ग्वाल सखा सब संग लगाए, खेलत हैं करि चैनु ।
कोउ गावत, कोउ मुरलि बजावत, कोउ बिषान कोउ बेनु।
कोउ निरतत कोउ उघटि तार दैं, जुरी व्रज-बालक-सैनु।
त्रिबिधि पवन जहेँ बहत निसदिन सुभग कुंज घन ऐनु।
सुर स्याम. निज धाम बिसारत, आवत यह सुखलेनु ।। 1
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कृष्ण की गो-चरण-लीला का वर्णन करते हुए सूरदास कहते हैं- श्रीहरि वृन्दावन में गायेचरा रहे हैं। वे सभी गोप-सखाओं को साथ लेकर आानन्दपूर्वक खेल रहे हैं। कोई गा रहा है तो काई
मुरली, कोई विषाण और कोई वेणु बजा रहा है। कोई नाच रहा है, और कोई ताल देकर एक सम पर ताली बजा रहा है। इस प्रकार ब्रज-बालकों की सेना एकत्र हो गई है।
जहाँ पर तीनों प्रकार की शीतल  मन्द,और सुगंधित हवा रात-दिन चलती रहती हैं, और जहाँ पर सुन्दर तथा गहन कुंज हैं।
जो श्रीहरि के निवास -स्थान हैं। सूरदास जी कहते हैं कि श्यामसुन्दर (श्रीहरि) अपने धाम बैकुंठ को छोड़कर वृन्दावन में यह अपूर्व सुख लेने के लिए आते हैं ।



shayari, good morning

Copied 

कहाँ पर बोलना है और कहाँ पर बोल जाते हैं
जहाँ खामोश रहना है वहाँ मुँह खोल जाते हैं 

कटा जब शीश सैनिक का तो हम खामोश रहते हैं
कटा एक सीन पिक्चर का तो सारे बोल जाते हैं 

ये कुर्सी मुल्क खा जाए तो कोई कुछ नही कहता
मगर रोटी की चोरी हो तो सारे बोल जाते हैं 

नयी नस्लों के ये बच्चे जमाने भर की सुनते हैं
मगर माँ बाप कुछ बोले तो बच्चे बोल जाते है 

फसल बर्बाद होती है तो कोई कुछ नही कहता
किसी की भैंस चोरी हो तो सारे बोल जाते हैं 

बहुत ऊँची दुकानो मे कटाते जेब सब अपनी
मगर मजदूर माँगेगा तो सिक्के बोल जाते हैं 

गरीबों के घरों की बेटियाँ अब तक कुँवारी हैं
कि रिश्ता कैसे होगा जबकि गहने बोल जाते हैं 

अगर मखमल करे गलती तो कोई कुछ नही कहता
फटी चादर की गलती हो तो सारे बोल जाते हैं 

हवाओं की तबाही को सभी चुपचाप सहते हैं
च़रागों से हुई गलती तो सारे बोल जाते हैं 

बनाते फिरते हैं रिश्ते जमाने भर से हम अक्सर
मगर घर मे जरूरत हो तो रिश्ते बोल जाते हैं.
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हम पर न सही, खुद पर यकीं कर लिया होता..

 दिल की दीवारों पर लिखा, पढ़ लिया होता... 
           
              hindi shayari dil se


Hum per na sahi khud per yahin kar liya hota
Dil ki dibaron per likha pad liya hota

Good morning

कब कहां कौन कैसे बदला,
ये सबका हिसाब रखता है

ये दिल  भी अपने पास
 एक दिमाग रखता है
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.कुछ ख्वाइश कुछ हसरत अभी बाकी है 
टूट कर भी लगता है , टूटना अभी बाकी है ...
बिखर कर भी अभी बिखरे नहीँ हम 
शायद जिन्दगी के बहुत से सितम अभी बाकी है  ....
                      Hindi shayari dil se           

Good morning


तरस रहे हैं बडी मुद्दतों से हम
अपनी मोहब्बत का इजहार लिख दो

दीवाने हो जाऐं जिसे पढ़ कर 
कुछ ऐसा तुम इक बार लिख दो
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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in