Good morning

हमारा व्यवहार ही हमारी पहचान है,

वर्ना एक नाम के तो हजारों इन्सान हैं..
        Good morning
    Shayaripub.com 

good morning

शिकायत नहीं ज़िन्दगी से की, तेरा साथ नहीं,
बस तुम खुश रहना यार,
हमारी तो कोई बात नहीं।

Good Evening

टूटी फूटी कश्ती... और एक खुश्क समंदर देखा था... 
कल रात 
झाँक के मैंने,,अपने अंदर देखा था!
      Shayaripub.com 

सुप्रभात, good morning

अपनी मंजिल का रास्ता,दूसरों से पूछोगे तो भटक जाओगे,क्यूँकि आपकी मंजिल की अहमियत,जितनी आप जानते हो उतनी और कोई नहीं जानता…
                ..शुभ प्रभात
      .    Shayaripub.com 

Good morning

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
                        यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
     दोपहर से बैठे रहते हैं यह आस पाले,
                     कि कब  आएगा  पैगाम तेरा,...
                  Shayaripub.com.
सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो 
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो 

किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं 
तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो 

यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता 
मुझे गिरा के अगर तुम सँभल सको तो चलो 

कहीं नहीं कोई सूरज धुआँ धुआँ है फ़ज़ा 
ख़ुद अपने आप से बाहर निकल सको तो चलो 

यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें 
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
                   NnShayaripub.in

Good morning

एक ग़लती हर रोज़ कर रहे हैं हम,, 
जो मिलेगा ही नहीं उस पे मर रहे हैं हम..
एक स्त्री हूँ,
सच है कि मैं,
पावन हूँ तुलसी सी,
पर कभी कभी,
गुलमोहर सी,
हो जाना चाहती हूँ,
कुछ खिली खिली सी,
कुछ नारंगी सी ,
रंगत लिऐ ,
बिना किसी ,
उद्देश्य के ,
मस्त हो जाना 
चाहती हूँ।

मैं एक स्त्री हूँ,
सच है कि मैं,
महकती हूँ बेला सी,
पर कभी कभी ,
गुलाब होना चाहती हूँ,
खुशबू तो हो मुझमें,
रंगत भी प्यारी हो ,
पर कुछ कांटो की ,
तरह थोङा थोङा सा,
चुभना चाहती हूँ।

मैं एक स्त्री हूँ,
सच है कि मैं,
रोशन हूँ चाँद सी,
पर कभी कभी,
मैं बादल सी ,
अंधियारी ,
होना चाहती हूँ,
चमक कर,
थोङी थोङी,
बिजली सी,
बिन कारण ,
बरसना चाहती हूँ ...
Shayaripub.in

Good morning

खेल ज़िंदगी के तुम खेलते रहो यारो
हार जीत कोई भी आख़िरी नहीं होती 
        .Shayaripub.com 

Good morning

मेरी बेकसूरी  मेरा कसूर बन गया,
जिसे पाला जिगर के लहू से,वो रिश्ता
कसम से
नासूर बन गया।
और जिसे ताउम्र शैतान ही समझा,
वो कुछ ऐसा कर गया ...
...कि हजूर बन गया ।।
Shayaripub.in

good morning

हम सबको को मानते हैं अपना
              हमें अपना ,अंपना सिर्फ़ तुम मानते हो ✍

               मेरी मुस्कान पर फिदा है जमाना सारा
                 मेरे गुमनाम जख्मों का पता  तुम जानते हो ✍                                   अचला का असला.                                               shayaripub.com.  

दिल शायराना




अचलाएसगुलेरिया की लेखनी से....
तेरा मोबाइल हो जाएं हम अक्सर सोचा करते हैं

मुझसे ज्यादा तू उसको चाहे यही सोच कर जलते हैं

मेरी जगह वह ले बैठा, तुम उसे देखते रहते हो
हंसना रोना साथ है उसके ,साथ उसी के चलते हो
मुझे यह रिश्ते मोबाइल वाले तेरे बहुत ही खलते हैं

जेब कभी हाथ कभी तेरे गालों से सटा रहे
पैटर्न रोज बदल कर इसके हमसे क्या क्या छुपा रहे
इसकी एक आवाज से तेरे सौ-सौ ख्वाब मचलते हैं

बीवी की तरह ,मीठी आवाज से रोज जगाए है
सोचे तू इसे नचाए है पर यह तूझे नचाए है
सिग्नल के आने जाने से सौ सौ मूड बदलते हैं
     Shayaripub.in

good morning, सुप्रभात

थोड़ा पानी विश्वास  का उबालिये,
खूब सारा दूध ख़ुशियों का थोड़ी पत्तियां ख़यालों की,

थोड़े गम को कूटकर बारीक..
हँसी की चीनी मिला दीजिये,

उबलने दीजिये ख़यालों कुछ  देर तक,
यह ज़िंदगी की चाय है जनाब

इसे तसल्ली के कप में
 छानकर घूंट घूंट कर पीने का मज़ा लीजिये ।।
            Shayaripub.in 

Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in