Romantic shayari chand ke sath


बड़ी हसरत से देखते हो चांद को
कोई वहां रहता है क्या
तुम्हें साथ देख कर मेरे 
तुमसे कुछ कहता है क्या 
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Good morning

इल्मो अदब के 
सारे खजाने गुजर गए...

क्या खूब थे वो लोग 
पुराने गुजर गए, 

बाकी है जमीं पे 
फकत आदमी की भीड़, 

इन्सां मरे हुए तो 
ज़माने गुजर गए...
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अब ये सोचूँ तो भँवर ज़ेहन में पड़ जाते हैं
कैसे चेहरे हैं जो मिलते ही बिछड़ जाते हैं

क्यूँ तेरे दर्द को दें तोहमत-इस हाल की 
ज़लज़लों में तो भरे शहर उजड़ जाते हैं

पतझड़ में इक दिल को बचाऊँ कैसे
ऐसी रुत में तो घने पेड़ भी झड़ जाते हैं

अब कोई क्या मेरे क़दमों के निशाँ ढूंढेगा 
तेज़ आँधी में तो ख़ेमे भी उखड़ जाते हैं


सोच का आइना धुँदला हो तो फिर वक़्त के साथ
चाँद चेहरों के भी अक्स।बिगड़ जाते हैं

शिद्दत-ए-ग़म में भी ज़िंदा हूँ तो हैरत कैसी
कुछ दिए तेज हवाओं से भी लड़ जाते हैं
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Love shayari

तेरी मौजूदगी में तेरी दुनिया कौन देखेगा
तुझे मेले में सब देखेंगे मेला कौन देखेगा

जहाँ होती रही है मुद्दतों संगीत की बारिश
वहाँ तन्हा खामोशी का बसेरा कौन देखेगा

जरा रूकिए अभी जाते हैं क्यों शादी की महफ़िल से
हसीं रात है  देखी , तो सवेरा कौन देखेगा

न ठप हो जाए तेरा कारोबार मय का ओ साक़ी
तेरी आँखों के होते जामों मीना कौन देखेगा

बहुत सुन्दर तेरा संसार ऐ संसार के मालिक
मगर जब सामने तू है तो सपना कौन देखेगा

अदाए मस्त से बेख़ुद न कीजे सारी महफ़िल को
तमाशाई न होंगे तो तमाशा कौन देखेगा

मुझे बाज़ार की ऊँचाई-नीचाई से क्या मतलब
तेरे सौदे में सस्ता और महँगा कौन देखेगा

Good night ,shayaripub.in

वो खुद सपना हो गए जो कल हमें दिखा रहे थे।
वो खुद वहां नहीं जाते,जहां हमें बुला रहे थे।
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बहुत हैं हम जिन्हें अपना प्यार समझते हैं।
वो हमें अपना आहार समझते हैं।।

Good morning,shayaripub.in

ज़िंदगी ऐसे ही नहीं संवरती है,,,,, 

कई सुख और दुःख की सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं,,,,,, 

तब जाकर खुशियों की छत नसीब होती है।
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Good morning,shayaripub.in

ये तलब , ये बेचैनियाँ
ये सारी की सारी रौनकें तुमसे  ही हैं ...

लोग कहते हैं इश्क जिसे मेरे हमदम 
 वो इश्क तुमसे  ही है।

Good morning,#shayaripub.in

मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको
मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको
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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए 
               शुक्रिया ए-ज़िन्दगी, 

चलने का न सही 
       सम्भलने का हुनर तो आ गया ।।
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Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के...

इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के......
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पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे साथ..!!

तो हमने जमीं पर अपना साया दिखा दिया....!!!!
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💕 love shayari

Khamoshi mein bhi bahut  shor suna hai hmne In fulon ki tarah  Bdi shidat se tumhe bhi Chuna hai hmne Shayaripub.in खामोशी में भी बहुत शोर स...