अचला की कलम से

कुछ याद नहीं कुछ भूल गए कुछ अभी भुलाना बाकी है🌹
सब रास्ते हैं याद शहर के ..उन पर चलकर घर तक जाना बाकी है।।🌹🌹

सौ गीत लिखे.. शब्दों को पिरोया नज़्मों में🌹
मन की सड़कों की कालिख से हर भाव भरा फिर नगमो में
जो आंख के पानी से हो लिखा वो एक तराना बाकी है।।🌹🌹

है शोर बहुत इस दुनिया में कोलाहल से भरा है जहां🌹
मन की आग बुझाने को ढूंढे दिल पानी यहां वहां
जो अमृत बरसाए जग में वो राग बनाना बाकी है।।🌹🌹
                                                  अचलाएसगुलेरिया
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ROMANTIC SHAYARI

बहुत संभाल कर खर्च करते हैं 
तेरी यादों की दौलत..

आखिर एक उम्र गुजारनी है 
इन्हीं की बदौलत.

BAHUT SAMBHAL KER KHARCH KARTE HAIN
TERI YADON KI DOULAT,,,,,,
AKHIR EK UMR GUJARNI HAI
INHI KI BDOLAT
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दर्द भरी शायरी

हमेशा दर्द रो लेने से ही काम नहीं होता कभी-कभी लिख लेने से भी दर्द कम हो जाता है।

सकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज पर 
 उतार कर, चीख भी लेते हैं और 
आवाज़ भी नहीं होती ।
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dil se likhi shayari

किसी ने बिल्कुल सही कहा है 
पैसे देकर सिर्फ मतलब के रिश्ते बनाए जा सकते हैं 
और चीज खरीदी जा सकते हैं 
पैसों से तो चीज खरीदी जाती हैं 
 दिल तो आज भी दिल देकर ही मिलता है
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love shayari



सकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज पर 
 उतार कर, चीख भी लेते हैं और आवाज़ भी नहीं होती ।

प्यार भरी good night

मेरी डायरी,  ख़त , यादें, सांसों की हर किताब 

बताओ और कहाँ कहाँ लिखूँ मैं तुम्हारे नाम का हिसाब

धार्मिक massages

अपने अंदर के के महाभारत को तुम्हें स्वयं ही लड़ना है इसने तुम ही कृष्ण और तुम ही अर्जुन हो हर निर्णय तुमको स्वयं लेना है। तुम्हारा निर्णय ही तुम्हारी हार जीत तय करेगा।
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सुबह सबेरे वाली शायरी

घर के बाहर बहुत अंधेरा है;
आओं भीतर शमा जलाएं हम।

आशिकी बेखुदी नहीं यारो;
प्यार को बन्दगी बनाएं हम।

सुविचार शायरी के साथ

हम देखते हैं हम जब थोड़े से कामयाब होने लगते हैं तो जो हमारे साथ चल रहे होते हैं लोग हमें प्यार से मिल रहे होतेहैं । हम उनकी ही आंखों में खटकने लग जाते हैं

किसी की आंखों में खटकना आसान नहीं होता 
जो किसी की आंखों में खटकता है वह खास होता है 
आम नहीं होता

हरे कृष्णा quotes

बांसुरी सब सुर त्यागे है एक ही धुन में बाजे है 
हाल ना पुछो मोहन का सब कुछ राधे राधे है।
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latest shayari in Hindi

गूँजती हो तुम मन में,

जैसे कोई सात्विक मंत्र गूँजता हो त्रिभुवन में...
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
जब नहीं सोचती हूँ तुम्हें
तब मैं कुछ नहीं सोचती
पैर के नखों से कुरेदती हूं
ज़मीं का पथरीलापन
तब तक जब तक
अंगूठे दर्द से बिलबिला ना उठे

जब मैं नहीं मिलती तुमसे
तब मैं किसी से नहीं मिलती
ज़रा से बादलों को खीचकर
ढक देती हूँ आईना
तुम धुंधले हो जाते हो

और जब मिलते हो तुम
मैं आसमानी ख़्वाबों में लिपटी
पूरी दुनिया को बदला हुआ देखती हूँ
कि जैसे पेड़ कुछ बड़े और हरे हो गए

पोखर का पानी साफ़ है
बिन मौसम ही खिले हैं खूब सारे कमल,
दहकते रंग के,
मेरी आँखों में खूब सारी
ज़िंदगी छलक रही है
मेरे हाथों में मेहदी का
रंग और महक

ऊपर आसमान में उड़ते
दो पतंग एक दूसरे से
गले मिलती हैं

जब मैं तुमसे मिलती हूँ
तब मैं मिलती हूं
अपने आप से...

प्रेम कभी नहीं हारता

परास्त नही होता  कोई भी प्रेम में, कभी भी- अस्त हो जाता है मन  कुछ क्षण के लिए, पराजय तो रण में है प्रेम समय है सत्य है  उदय होता है अस्त हो...