emotional shayari

उम्र की दहलीज पर जब सांझ की आहट होती है
तब ख्वाहिशें थम जाती है और सुकून की तलाश होती है
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sad shayari

: "सुकून" देता है...कुछ "लोगों" का..."खैरियत" से होना ही..
:वो "अपना" है...या "पराया"..."फर्क" नहीं पड़ता...

यही दो काम मोहब्बत ने दिए हैं हम को..!!
दिल में है याद तेरी, ज़िक्र है लब पर तेरा....!!!!

ये दिल अब पत्थर का हो चुका,
कोई ज़रूरत नहीं तुझे आने की।
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emotional shayari

अपनी ही मोहब्बत की तलाश में ही तो तुमसे मिलता हूं
तुमने जो मेरी रूह में अपनी मोहब्बत के बीज जो बोए है 

उन हर ख़्वाबों से इश्क़ है मुझे 
उन हर लम्हों से इश्क़ है मुझे 

फिर खुशियां दुनिया भर में क्यूं ढूंढे..?? 
जब तुम्हें ढ़ूढ़ लिया अपने दिल की धड़कनो के लिये….❤️
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emotional shayari

तुमसे दूर जाने का 
कोई इरादा ही नही था...
पर रुकते भी तो कैसे 
जब तू ही हमारा नहीं था।।
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                🔥🔥हिन्दी शायरी दिल से 🔥🔥

हरे कृष्ण# श्रीकृष्ण शरणम ममः

श्रीकृष्णकीतनोत्सवरमें भक्त श्रीउद्धवजीका प्राकठ्य

            गोवर्धनाददूरेण वृन्दारण्ये सखीस्थले।
          प्रवृत्तः कुसुमाम्भोधौ कृष्णसंकीर्तनोत्सव।
             वृषभानुसुताकान्तविहारे कीर्तनश्रिया।
          साक्षादिव समावृते सर्वेअनन्यदृशोअभवन।।
           ततः पश्यत्सु सर्वेषु तृणगुल्मलताचयात्।
        आजगामोद्द्धवः स्र्र्वी श्यामः पीताम्बरावृतः।।
           गुञ्जामालाधरो गायन् वल्लवीवल्लभं मुहुः।
                तदागमनतो रेजे भृशं सड्डीतनोत्सवः ॥
           चन्द्रिकागमतो यद्धत् स्फाटिकाट्टालभूमणि: ।
            अथ सर्व सुखाम्भोधौ मग्नाः सर्व विसस्मरू:।।


गोवर्धनके निकट वृन्दावनके भीतर कुसुमसरोवरपर जो सखियोंकी विहारस्थली है, वहाँ ही श्रीकृष्णकीर्तनका उत्सवआरम्भ हुआ। वृषभानुनन्दिनी श्रीराधाजी तथा उनके प्रियतम श्रीकृष्णकी वह लीलाभूमि जब साक्षात् संकीर्तनकी शोभासे सम्पन्न हो गयी, उस समय वहाँ रहनेवाले सभी भक्तजन एकाग्र हो गये; उनकी दृष्टि, उनके मनकी वृत्ति कहीं अन्यत्र न जाती थी।
तदनन्तर सबके देखते-देखते वहाँ फैले हुए तृण, गुल्म और लताओंके समूहसे प्रकट होकर श्रीउद्धवजी सबके सामने आये।
उनका शरीर श्यामवर्ण था, उसपर पीताम्बर शोभा पा रहा था। वे गलेमें वनमाला और गुंजाकी माला धारण किये हुए थे तथामुखसे बारम्बार गोपीवल्लभ श्रीकृष्णकी मधुर लीलाओंका गान कर रहे थे। उद्धवजीके आगमनसे उस संकीर्तनोत्सवकी शोभाकई गुनी बढ़ गयी। जैसे स्फटिकमणिकी बनी हुई अट्टालिकाकी छतपर चॉदनी छिटकनेसे उसकी शोभा बहुत बढ़ जाती है।
उस समय सभी लोग आनन्दके समुद्रमें निमग्न हो अपना सब कुछ भूल गरये, सुध-बुध खो बैठे।
                    [ श्रीमद्वागवत-माहात्म्य|
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emotional shayari

मुझे ना ढूंढना कहीं जमीं ओ आसमां में मेरे दोस्तों……
अगर मैं तुम्हारे दिलों में नहीं तो फिर कहीं भी नहीं……
                    
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घूंघट भी माँग रहा रिश्वत जरा सरकने के लिए 
और दिल चाहे। दीदार ए यार धड़कने के लिए
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love# प्यार

♥️हमें छोड़कर अब ना पूछो की.
                    हमारा क्या हाल है.♥️

💜हम कल भी कमाल थे
                   हमारा आज भी बेमिसाल है💜
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❤सवाल करने वाले तो बहुत मिलते है,
लेकिन, बिना सवाल किये ख्याल रखने वाले नसीब से मिलते है...
 *उस इंसान से  तो कभी भी झुठ मत बोलिये जिसे आपके झुठ पर भी भरोसा हो.....♥️
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💜ना कोई रूकावट ना कोई बहाना,
प्यार करो तो दिल से जरूर निभाना।💜
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♥️ तू इक दिन छोड़ देगी यह जानता हूँ,
फिर भी इश्क़ का फालतू शौक पालता हूँ.💜

 

krishna

*न जाने उसे देखकर कौन सा जुनून मिलता है*

*पर एक बात है*
 
*जब भी देखता उसे मन को खुशी और दिल को सुकुन मिलता है*

    *🌺सुप्रभात🌺*

*सवाल करने वाले तो बहुत मिलते है,*

*लेकिन बिना सवाल किये ख्याल रखने वाले नसीब से मिलते है......*
 *उस इंसान से  तो कभी भी झूठ मत बोलिये जिसे आपके झुठ पर भी भरोसा हो........*

*आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो*
🙏 🙏🥰🙏 🙏
🌹🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹🌹🌹  
                  *विचार पुष्प*

      *किसी इंसान की बुराई को बताना, आम लोगो की पहचान हैं परन्तु बुराई में भी अच्छाई ढूंढना.. खास लोगो की पहचान हैं...*

         *जब दिल में वहम, दिमाग में जिद्द और बातो में मुक़ाबला आ जाये, तो समझो कि रिश्ते कि हार निश्चित हैं...* 

          *जो खुश होना ही नहीं चाहते.. उन्हें कोई खुश नहीं कर सकता और जो खुश रहने का हुनर जानते हैं.. उन्हें खुश रहने से कोई रोक नहीं सकता, इसलिए प्रसन्न रहो.. मस्त रहो... और मुस्कराते रहो....*     
                                  
        *फालतू का खर्चा.. जीवन की अर्थ व्यवस्था को और फालतू की चर्चा मन की अवस्था को ख़राब करते हैं, इसलिए हमें हमेशा इन खराब आदतों से बचकर रहना चाहिए...*

           *🌹🙏जय श्री कृष्णा 🙏🌹*


jai siya ram# जय सियाराम

          बरषि सुमन कह देव समाजू। 
           नाथ सनाथ भए हम आजू॥
          करि बिनती दुख दुसह सुनाए। 
          हरषित निज निज सदन सिधाए॥ 

अर्थ:-फूलों की वर्षा करके देव समाज ने कहा- हे नाथ! आज (आपका दर्शन पाकर) हम सनाथ हो गए। फिर विनती करके उन्होंने अपने दुःसह दुःख सुनाए और (दुःखों के नाश का आश्वासन पाकर) हर्षित होकर अपने-अपने स्थानों को चले गए॥ 

               श्री रामचरित मानस 
               अयोध्याकांड (१३२) 

    स घोषो धार्तराष्ट्राणां हृदयानि व्यदारयत्‌।
     नभश्च पृथिवीं चैव तुमुलो व्यनुनादयन्‌॥ 

और उस भयानक शब्द ने आकाश और पृथ्वी को भी गुंजाते हुए धार्तराष्ट्रों के अर्थात आपके पक्षवालों के हृदय विदीर्ण कर दिए
॥ 

भगवद गीता
कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल में सैन्य निरिक्षण
(अध्याय १) 

🙏 हनुमानजी महाराज प्रिय हो 🙏
🙏 सदगुरु भगवान प्रिय हो 🙏 

           सदगुरु स्मरण के साथ 

            🙏🌺 शुभ सवार 🙏🌺
          🙏🌺 जय सीयाराम 🙏 🌺

emotional shayari

तू मेरे पास न थी फिर भी शाम होने तक 
तेरी हर साँस मेरे जिस्म को छू कर गुज़री
क़तरा क़तरा तेरे दीदार की शबनम टपकी 
लम्हा लम्हा तेरी ख़ुशबू से ये
 ख़ुशनुमा लम्हा तुम्हारे संग गुज़रा❤️
                  विष्णु 
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emotional shayari ,good morning

ना चुरा तू मेरी नज़रों को अपनी निगाहों से..
उफ़्फ़ ये मीठी मीठी मुस्कान तुम्हारे चेहरे पे जब आती है 

इस तरह दिल में हलचल होना लाज़मी है
तुम्हारे चेहरे पे तुम्हारे बालों की ये बदमाशियां देख कर 

हमारी नज़रों की गुस्ताखियां होना लाज़मी है
जब तुम ने अपना हाथ मेरे हाथों में दिया 

मेरी रग रग तुम्हारा इश्क़ बहने लगा
दिल को संभालना मुश्किल हो जाता है तेरी इन अदाओं से❤️
                       विष्णु
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Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...