Shayari means "poetry" in english. But even after being synonymous to each other , both represent a very different depth to expression of the writer. Shayari is magical as it can mean different for every set of eyes that taste it through the sense of sight. It has no topic or a targeted demographic. It is made for everyone and everything. Though the great works in Shayari cannot be replicated but yes a new content based on our modern society can be created. The timelessness of shayari awaits.
good morning
तेरे प्यार करने का अंदाज़ पसंद आया,
प्यार को जताने का अंदाज़ पसंद आया,
तुम पास हो या दूर हमसे,ये फुरसत से
हमे मिलने को आने का अंदाज़ पसंद आया।
have a great day
कोई आप पर मरता है
तों कोशिश करें
की वो ज़िंदा रहे.........
खुदसे से निकाल कर बांध दिया कोने मे ,
दिल बच्चा है इश्क़ के लिये जिद करता है !!
Good morning
रिश्तों से अपेक्षा रखना,
स्वार्थ नहीं हैं
Shayaripub.in
मगर अपेक्षा के लिए रिश्ते
रखना, स्वार्थ है ।।
*स्वयम् को छोड़ें*
एक राजा था। उसने परमात्मा को खोजना चाहा।
वह किसी आश्रम में गया। उस आश्रम के प्रधान साधु ने कहा, जो कुछ तुम्हारे पास है, उसे छोड़ दो। परमात्मा को पाना तो बहुत सरल है।
राजा ने यही किया। उसने राज्य छोड़ दिया और अपनी सारी सम्पत्ति गरीबों में बांट दी।
वह बिल्कुल भिखारी बन गया, लेकिन साधु ने उसे देखते ही कहा, अरे, तुम तो सभी कुछ साथ ले आये हो! राजा की समझ में कुछ भी नहीं आया, पर वह बोला नहीं। साधु ने आश्रम के सारे कूड़े-करकट का फेंकने का काम उसे सौंपा।
आश्रमवासियों को यह निर्णय बड़ा कठोर लगा, किन्तु साधु ने कहा, सत्य को पाने के लिए राजा अभी तैयार नहीं है और इसका तैयार होना तो बहुत ही जरूरी है। कुछ दिन और बीते।
आश्रमवासियों ने साधु से कहा कि अब वह राजा को उसके कठोर काम से छुट्टी देने के लिए उसकी परीक्षा ले लें।
साधु बोला, अच्छा! अगले दिन राजा अब कचरे की टोकरी सिर पर लेकर गांव के बाहर फेंकने जा रहा था तो एक आदमी रास्ते में उससे टकरा गया।
राजा बोला, आज से पंद्रह दिन पहले तुम इतने अंधे नहीं थे।
साधु को जब इसका पता चला तो उसने कहा, मैंने कहा था न कि अभी समय नहीं आया है। वह अभी वही है।
कुछ दिन बाद फिर राजा से कोई राहगीर टकरा गया। इस बार राजा ने आंखें उठाकर उसे सिर्फ देखा, पर कहा कुछ भी नहीं। फिर भी आंखों ने जो भी कहना था, कह ही दिया। साधु को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने कहा, सम्पत्ति को छोडऩा कितना आसान है, पर अपने को छोडऩा कितना कठिन है।
तीसरी बार फिर यही घटना हुई। इस बार राजा ने रास्ते में बिखरे कूड़े को बटोरा और आगे बढ़ गया, जैसे कुछ हुआ ही न हो। उस दिन साधु बोला, अब यह तैयार है।
जो खुदी को छोड़ देता, वही प्रभु को पाने का अधिकारी होता है। सत्य को पाना है तो स्वयं को छोड़ दो। मैं से बड़ा और कोई असत्य नहीं है।
दिल शायराना
🌹ख़्वाहिश की गर्मियाँ थीं अजब उन के जिस्म में 🌹
🌹 उन की सोहबतों में मेरा ख़ून जल गया🌹
🌹थी शाम ज़हर-ए-रंग में डूबी हुई खड़ी 🌹🌹
🌹फिर ज़रा सी देर में मंज़र बदल गया 🌹🌹
🌹 उन की सोहबतों में मेरा ख़ून जल गया🌹
🌹थी शाम ज़हर-ए-रंग में डूबी हुई खड़ी 🌹🌹
🌹फिर ज़रा सी देर में मंज़र बदल गया 🌹🌹
good night
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है।
वो हर इक बात पर कहना कि.........
यूँ होता तो क्या होता।।
तुम न आए तो क्या सहर न हुई.
हाँ मगर चैन से बसर न हुई।..
मेरा नाला सुना ज़माने ने..
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई।।....
good morning, galib
🌷दर्द 🌷जब दिल में हो तो🌷 दवा🌷 कीजिए।
🌷दिल🌷 ही जब🌹 दर्द🌹 हो तो क्या कीजिए।।
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है।
वो हर इक बात पर कहना कि यूँ होता तो क्या होता।।
Good morning emotional shayari
🌹"सियासत" किस हुनरमंदी से "सच्चाई" छुपाती है🌹🌹
की जैसे"सिसकियों" का ज़ख़्म "शहनाई" छुपाती है.🌹🌹
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रूहानियत इश्क की ना पूछो मुझसे..
एक ख्याल से ही मिजाज बदल जाता है..!!
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Good night
इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी, चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in
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जग तो देखे महज प्रस्तुतीकरण तुम्हारा ईश्वर सदा ही देखे अंतः करण तुम्हारा धर्म-कर्म सब उसको अर्पित कर दो अपने सहज भाव से पूरे हो...
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वो हमारे दिल से निकलने का रास्ता भी नहीं ढूंढ सके जो कहते थे.. तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम.. Shayaripub.in