Good morning, सुप्रभात

नजरों का खेल था साहब,.....

वो चुरा ना सके और हम हटा ना सके !!
हसीनों में हसीन फूलों में गुलाब हो तुम
कैसे तुम्हें बताऊँ कितनी लाजवाब हो तुम
काली काली तुम्हारी ज़ुल्फें
खुली हो तो हो जाये दिन में अंधेरा
गोरा चंदन जैसा तुम्हारा चितवन
देख मचल जाये ये दिल मेरा
तुम्हारे मीठे मीठे बोल
सुनने को मन करता है बार बार
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good morning

*गलती आपकी हो या मेरी*

    *रिश्ता तो हमारा है ना |*

     *Accept  &  Adjust*
 

*सुप्रभात*
*जय श्री कृष्णा*
*ऑखे चाहे जितनी मर्जी तेज हो*

*कौन अपना और कोन पराया यह तो सिर्फ वक्त का चश्मा ही दिखाता है.*


*सुप्रभात*
*जय श्री कृष्णा*
 

 

सुविचार, inspiration thoughts

"उम्मीद जब बोझ लगती है ll
 जिंदगी अफसोस करती है ll
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 आदमी नशे में चूर रहता है, 
 सफलता मदहोश करती है ll
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 अपना पता मेहनत रखिये
 मंजिल हमें खोज सकती है ll
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 सब्र कछुए की चाल चल रहा, 
 जल्दबाजी खरगोश लगती है ll
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 आपकी खुशी में मेरी खुशी है, 
 खुशी इसी में संतोष करती है ll"
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Kavita, नज्म, बाकी है

कुछ याद नहीं कुछ भूल गए कुछ अभी भुलाना बाकी है🌹
सब रास्ते हैं याद शहर के ..उन पर चलकर घर तक जाना बाकी है।।🌹🌹

सौ गीत लिखे.. शब्दों को पिरोया नज़्मों में🌹
मन की सड़कों की कालिख से हर भाव भरा फिर नगमो में
जो आंख के पानी से हो लिखा वो एक तराना बाकी है।।🌹🌹

है शोर बहुत इस दुनिया में कोलाहल से भरा है जहां🌹
मन की आग बुझाने को ढूंढे दिल पानी यहां वहां
जो अमृत बरसाए जग में वो राग बनाना बाकी है।।🌹🌹
                                                  अचलाएसगुलेरिया
                                                  Shayaripub.in 

सब्र रखना,

 जीवन में एक वो पहर रखना

वह सब कुछ स्वयं ही करता है,
 इस बात की यार खबर रखना

तुझे सही लगे या गलत लगे 
बस दिल में यार सब्र रखना

मन में हर भाव रहे जिंदा
 चुरा सागर से दिल में लहर रखना

जाने कब तन्हाई तन्हा कर दे
 तू फोन में सारा शहर रखना

ना हाल सुनाना ना सुनना 
नजरों में समझ की नजर रखना

जहां तुम हो और हो परमपिता
 जीवन में एक वो पहर रखना
                            अचलाएसगुलेरिया
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Have a wonderful day,Goodmorning

बाप....
तलब तेरे साथ की मुझमे आज भी जारी है,
कुछ पल जो गुज़रे संग तेरे सदियों पे भारी हैं.....!
-अज्ञात
मैं हर्फ़ हर्फ़ बिखरी हूँ 
जब भी खोलोगे ये क़िताब
मैं याद आऊँगी ...

 बरसात की हर बूँद में
मिलूँगी बरसती मैं...
कभी बारिशों में भीगोगे
तो याद आऊँगी....

तेरी  साँस-साँस में..
बसेरा है मेरा...
सुनोगे सांसों का संगीत
 तो समझ जाओगे..

लम्हा लम्हा मैं भी
तेरी याद में तपती हूँ 
खुद को खुद से खफा पाओगे
तो जान जाओगे 

मैं पल पल ....
रब से तेरी खुशी मांगती हूँ 
तुम जब हाथ दुआ में उठाओगे
तो याद आऊँगी.....
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bye-bye 2022

दिसंबर की सर्द हवाएं मेरा क्या बिगाड़ लेंगी
गर्म चाय पीते हैं तेरी यादो की शॉल लपेट कर।।
तुम नही हो पास मेरे....फिर भी तुम ही तुम नजर आते हो...
#################################
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आवाज देना चाहूँ भी तो कैसे....पल प्रति पल तुम मुझ में ही समाते हो....

मन ही मन में ना जाने कितना कुछ कह कर तुमसे...मुस्कुरा देती हूँ मैं...

ख्यालो मे तुम्हारे....पीड़ा के आँसू तक बहा लेती हूँ मैं.....

कभी कभी सोचती हूँ...क्या मेरे जीवन में कोई ऐसी जगह शेष हैं...जहाँ नही हो तुम....

मेरी हँसी में.....बेबसी में....आँखों में... आँसुओं में....मेरी हर खुशी में हो तुम....

मेरे ख्यालों में....सवालों में.....मेरे ख्वाबों में हो तुम.....

तुम्हारा जिक्र है मेरे हर लफ्ज़ में....मेरी प्रतीक्षा में...इन पंक्तियों में छुपी हर आरज़ू में हो तुम....

विरह में तड़पती रूह और इस मन की जुस्तजू में सिर्फ हो तुम....
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दिल शायराना # emotional shayari

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी
शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए

हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गांव में
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए
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साभार: कविता कोश

चलो सफर पर निकले साथ साथ 
मेरे ख्यालों के हाथ में तेरे सपनों के हाथ 
वंदिशों की किश्ती पतवार दूरियों की
समंदर खवाबों का लहरें मजबूरियों की
अहसास की परतों में आरजूओं की तपन
साँसों के आहट में विरह की अगन 
तमन्नाओं में मेरी बसा तेरा बजूद 
हवायें छू रही या तू भी है मौजूद 
लगा कहीं तू भी है मौजूद 
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चलो सफर पर निकले साथ साथ 
मेरे ख्यालों के हाथ में तेरे सपनों के हाथ 
वंदिशों की किश्ती पतवार दूरियों की
समंदर खवाबों का लहरें मजबूरियों की
अहसास की परतों में आरजूओं की तपन
साँसों के आहट में विरह की अगन 
तमन्नाओं में मेरी बसा तेरा बजूद 
हवायें छू रही या तू भी है मौजूद 
लगा कहीं तू भी है मौजूद
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good night

हर कोई अधूरा है...

     किसी अपने के बिना... 
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🌹🌹मेरे तुम्हारे बीच कुछ नहीं
सिर्फ एहसास , कुछ संवाद
कुछ आधी , अधूरी बातें
और कहने को कुछ नहीं
सिर्फ फिक्र, एक दूजे की
और कुछ नहीं..
न कभी तुमने कुछ कहा
न मैंने कुछ सुना..
फिर भी वो एहसास बिन कहे
सुन लेने का..महज कहने की बात है
एक दूजे के साथ लिए दूर होकर भी
इतने करीब होना.. मीठा सा एहसास
छू जाता है दिल को, यही बंधन मुझे
मुक्त नहीं करा पाया तुझसे...🌹
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Good morning

था  तो ग़लत उसके वादों पर शक करना…मगर,

दर्द ये है कि शक सही निकला।

दिलों को दिलो से मिलाते चलो! 
,,,,,,,,,,,,,,,मुहब्बत के नगमें सुनाते चलो!! 

अगर हो मुहब्बत किसी से कभी, 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,उसी से सदा  तुम निभाते  चलो  ! 

दिलों में रहेगी मुहब्बत जवा, 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,वफा के सदा गीत गाते चलो! 

न हो नफरतों का अधेरा कभी, 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,चरागे  मुहब्बत  जलाते चलो! 

मिलेगी सफलता कभी ना 
हमेशा कदम को बढ़ाते चलो! 

कभी भी दिलो में ना नफरत पले, 
वतन के लिए जा लुटाते चलो! 

हयात-ए सफर है घड़ी दो घड़ी,वफा
 रस्मे उल्फत निभाते चलो।
आपका  ये भरोसा सलामत रहे, 
यही बात सबको बताते चलो! 
         
मैं प्रेम  बन जाऊँ और तुम रूह की तलब

बस यूँ ही जी लेगे हम मोहब्बत बनकर ।              🙏🙏🙏🙏🙏shayaripub.in🙏🙏🙏🙏

∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥

∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥

१Ⓜदही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय..
२Ⓜबहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल..
३Ⓜअजवाइन को पीसिये , गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय..
४Ⓜअजवाइन को पीस लें , नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय..
५Ⓜअजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम..
६Ⓜठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल..
७Ⓜअदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग..
८Ⓜरोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर..
९Ⓜगाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम..
१०Ⓜशहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम..
११Ⓜचिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय..
१२Ⓜयलाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह..
१३Ⓜप्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह, 
जामुन-गुठली पीसिये, नहीं रहे मधुमेह..
१४Ⓜसात पत्र लें नीम के, खाली पेट चबाय, दूर करे मधुमेह को, सब कुछ मन को भाय..
१५Ⓜसात फूल ले लीजिए, सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को, जीवन में हो प्यार..
१६Ⓜतुलसीदल दस लीजिए, उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी, तन-मन मालामाल..
१७Ⓜथोड़ा सा गुड़ लीजिए, दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए, चाहे मोहनभोग.
१८Ⓜअजवाइन और हींग लें, लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें, दर्द दूर हो जाय..
१९Ⓜऐलोवेरा-आँवला, करे खून में वृद्धि, 
उदर व्याधियाँ दूर हों,जीवन में हो सिद्धि..
२०Ⓜदस्त अगर आने लगें, चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर, लें पानी के साथ..
२१Ⓜमुँह में बदबू हो अगर, दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक, दूर होय तत्काल..
२२Ⓜकंचन काया को कभी, पित्त अगर दे कष्ट,
घृतकुमारि संग आँवला, करे उसे भी नष्ट..
२३Ⓜबीस मिली रस आँवला, पांच ग्राम मधु संग, 
सुबह शाम में चाटिये, बढ़े ज्योति सब दंग..
२४Ⓜबीस मिली रस आँवला, हल्दी हो एक ग्राम,
सर्दी कफ तकलीफ में, फ़ौरन हो आराम..
२५Ⓜनीबू बेसन जल शहद, मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने, बेहतर यही उपाय..
२६.Ⓜमधु का सेवन जो करे, सुख पावेगा सोय,
कंठ सुरीला साथ में, वाणी मधुरिम होय.
२७.Ⓜपीता थोड़ी छाछ जो, भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की, चेहरे पर हो ओज..
२८Ⓜठण्ड अगर लग जाय जो नहीं बने कुछ काम, नियमित पी लें गुनगुना, पानी दे आराम..
२९Ⓜकफ से पीड़ित हो अगर, खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें, कफ तब बाहर आय..
३०Ⓜअजवाइन लें छाछ संग, मात्रा पाँच गिराम, कीट पेट के नष्ट हों, जल्दी हो आराम..
३१Ⓜछाछ हींग सेंधा नमक, दूर करे सब रोग,
जीरा उसमें डालकर, पियें सदा यह भोग..।

☝कृपया इस मैसेज को अपने 10 परीजनो और अपने गण से अवगत कराए...

Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in