Good night

तुम्हारे ख्यालों का तकिया 
           जब हम सिराहने लगाते हैं..

तब कहीं जाकर मेरी बेचैनियों को,
                    नींद आती है ।
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Good night

मुझे कुछ भी नहीं कहना इतनी सी गुजारिश है,
बस उतनी बार मिल जाओ जितना याद आते हो।

अहसास मिटा, तलाश मिटी, मिट गई 
उम्मीदें भी सब मिट गया पर जो न मिट
 सका वो है यादें तेरी
तेरे  ख़याल  में  रहना  उदास,  अच्छा  लगता  है,
क़रीब  रहना  तेरा  आस - पास,  अच्छा  लगता  है !

बरसना  रात - भर  शबनम  का,  बन्द  आँखों  में,
लबों  पर  रहती  है  हल्की सी  प्यास,अच्छा  लगता  है !

ये  दर्द...  दर्द  नहीं,  एक  कैफ़ियत - सी  है,
ये  आँखें  सूजी  रहें  बारह  मास,  अच्छा  लगता है
                   Dev
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Goodmorning ,गजल

Raj ki kalam se

सितम यूँ भी सनम खुद पर कभी ढाया नहीं करते 
किसी के इश्क में खुद को कभी ज़ाया नहीं करते

वफ़ा की आरज़ू हो बस ज़रूरी क्या वफ़ा होना 
किसी की याद में दिल को यूँ बहलाया नहीं करते 

किसी की आस को लेकर भला कब तक जिए कोई 
कि अपनी जिन्दगी में रंज फैलाया नहीं करते 

हमें भी आपके जैसा मिलेगा फिर कभी कोई 
हमें अब ख्वाब भी ऐसे कभी आया नहीं करते 

बड़े नादान हो तुम ‘राज समझते ही नहीं इतना 
किसी की आरज़ू में दिल को तरसाया नहीं करते
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Good morning ,ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम

ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम 


ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम
तू खुशियों की कहानी गमों की दास्तान
ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम
आशिकों को दे  गमों के ईनाम
ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम
किसी  की वतन के ,किसी की सनम के
आ जाती  है काम
ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम
हर जबाब से ऊपर  तू है लाजवाब
चलती सांसों तक चले तेरा नाम
ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम
तू कहां किसी को सदियों तक मिली है
बदलती है नजर तू बदलती है मकान
ए जिंदगी तुझे फिर भी सलाम
आशा निराशा से बांधे सभी को
हर शय जमाने में तेरी गुलाम
                                अचलाएस गुलेरिया 
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sad shayari

ना गिरें इस उम्मीद में कि कोई  उठा लेगा,
सोच कर मत डूबें  कि कोई बचा लेगा,
       ये दुनिया रंगमंच है तमाशबीनों का,
      मुसीबत में तो हर कोई यहाँ मज़ा लेगा l
    जरूरत पड़े तो हर यार तुझे दगा देगा 
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Good night

मेरे सीने में कितनी आरज़ू हैं क़ैद जन्मों से
कहीं से आके मेरी,,रूह को आज़ाद कर दे तू
        मेरा अंजाम जो भी हो मगर तेरे ही हाथों हो
        मुझे आबाद कर दे या कि फिर बरबाद कर दे तू ।

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good morning

चादर से पैर 
तभी बाहर आते हैं

जब उसूलों से बड़े  
ख्वाब हो जाते हैं
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श्री कृष्ण ने कहा है:
ऊधो, कर्मन की गति न्यारी ..

मृत्यु के साथ रिश्ते समाप्त जाते हैं ...

एक बार देवर्षि नारद अपने शिष्य तुम्बरू के साथ मृत्युलोक का भ्रमण कर रहे थे। गर्मियों के दिन थे। गर्मी की वजह से वह पीपल के पेड़ की छाया में जा बैठे। इतने में एक कसाई वहाँ से लगभग ३० बकरों को लेकर जा रहा था।

उसमें से एक बकरा एक दुकान पर चढ़कर मोठ खाने लपक पड़ा। उस दुकान पर नाम लिखा था - *'शगालचंद सेठ।'* 

दुकानदार का बकरे पर ध्यान जाते ही उसने बकरे के कान पकड़कर दो-चार घूँसे मार दिये। बकरा 'मैंऽऽऽ.... मैैंऽऽऽ...' करने लगा और उसके मुँह में से सारे मोठ गिर गये।

फिर कसाई को बकरा पकड़ाते हुए कहाः "जब इस बकरे को तू हलाल करेगा न, तो इसकी मुंडी मुझे देना क्योंकि यह मेरे मोठ खा गया है।" देवर्षि नारद ने ध्यान लगाकर देखा और ज़ोर ज़ोर से हँसने लगे।

तब तुम्बरू पूछाः "गुरुदेव! आप क्यों हँस रहे हैं? उस बकरे को जब घूँसे पड़ रहे थे तब तो आप दुःखी हो रहे थे, किंतु ध्यान करने के बाद आप हँस पड़े। इस हँसी का क्या रहस्य है?"

नारद मुनि ने कहाः
"रहने दे ... यह तो सब मनुष्य के कर्मों का फल है, छोड़ ..."
"नहीं गुरुदेव! कृपा करके मुझे इसका रहस्य बताऐं।"

अच्छा सुनो: "इस दुकान पर जो नाम लिखा है 'शगालचंद सेठ' - वह शगालचंद सेठ स्वयं यह बकरे की योनि में जन्म लेकर आया है और वह दुकानदार शगालचंद सेठ का ही पुत्र है। सेठ मरकर बकरा बना और इस दुकान से अपना पुराना सम्बन्ध समझकर इस पर मोठ खाने आ गया।

उसके पूर्व जन्म के बेटे ने उसको मारकर भगा दिया। मैंने देखा कि ३० बकरों में से कोई दुकान पर नहीं गया, फिर यह क्यों गया कमबख्त? इसलिए ध्यान लगाकर देखा तो पता चला कि इसका पुराना सम्बंध था।

जिस बेटे के लिए शगालचंद सेठ ने इतनी महेनत की थी, इतना कमाया था, वही बेटा मोठ के चार दाने खाने को नहीं देता है और खा भी लिये तो कसाई से मुंडी माँग रहा है अपने ही बाप की!"

नारदजी कहते हैं; इसलिए कर्म की गति और मनुष्य के मोह पर मुझे हँसी आ गई। अपने-अपने कर्मों के फल तो प्रत्येक प्राणी को भोगने ही पड़ते हैं और इस जन्म के रिश्ते-नाते मृत्यु के साथ ही समाप्त हो जाते हैं, कोई काम नहीं आता, काम आता है तो बस *भगवान का नाम :*

*हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।*
*हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥*

अपने पुण्यों व पापों का हिसाब इंसान को खुद ही भोगने पड़ते हैं ...
इसलिए,, बंधुओ... मरने के बाद इस संसार से कोई नाता नहीं रहता केवल अपने कर्म फल ही शेफ रहते हैं।

शतहस्त समाहर सहस्त्रहस्त सं किर
*सैकड़ों हाथों से जमा तो करो लेकिन हज़ारों हाथों से बांटो भी।*

बोलिए बृंदाबन-बिहारीलाल की जय!* 🌹🙏🏽

Good morning

आ लिख दूँ कुछ तेरे बारे में,
मुझे पता है कि...
तू रोज़ ढूँढ़ता है खुद को मेरे अल्फाज़ों में!
Aa likh dun kuchh tere bare mein mujhe pta hai
Tu roj Dunstable hai khud ko mere alfazon mein
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Good morning

बिन बुलाए जाना मुझे मंजूर नहीं..
वो उनका तौर हैं मेरा दस्तूर नहीं ..
bin vulay jana mujhe manjoor nahin
Ye unka tour hai mera dastoor nahin
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Good morning

इतने गौर से ना देख मेरे हाल-ऐ सादगी को... 

टूटे हुए लोग अक्सर इसी हाल में रहते हैं
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Good evening

खून के रिश्तो में ही होती है गर्मी
मौका वेमौका आजमा कर देख लो
जीत जाओगे जमाने को साहब
बस सिर को थोड़ा झुका कर देख लो
इश्क की गहराई समझ जाओगे
किसी फकीर से नजरें मिला कर देख लो
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Good night

कभी जो दिल में उतरे थे आज मेरे दिल से उतर गए
चले थे साथ जो मेरे ..आज वो जाने किधर गए। ।

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Good Night, gajal

मेरी वादा खिलाफियां तू  नजरअंदाज करता था .
.तेरी इसी अदा पर..तेरा मोहताज होना चाहिए था
बहुत रोए तेरे कूचे से कूच करने के बाद
पर शायद... बिछड़ते वक़्त रोना होना चाहिए था
मेरी बेवफाई पर ..जो चुप है ..
उसे हक जता अपना ..नाराज होना चाहिए था
मेरा हाल पूछते हो ..बेगानों की तरह
तुम्हें तो सब मालूम होना चाहिए था
बड़ी उम्र तजुर्बा बड़ा है... तो साहब 
सिर्फ मेरे नहीं ...बड़ों के काम आना चाहिए था
अनकही कहानियां ..इश्क में नाकामियां..
दफन किसों की ...कब्र पर
दिया जलाना चाहिए था
      मेरे दिए फूलों को ...मसल भी सकते थे ..
           धागा पिरो इन में ..
.         न मसला बनाना चाहिए था

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Goodmorning, emotional shayari

      जो छुपा ले तेरी खूबसूरती वो
                नकाब कहाँ है
          इस गुलशन में तेरे जैसा
                 गुलाब कहाँ है
        ये खूबसूरत आँखें गुलाबी होंठ
                    और काला तिल
  पूरी कायनात में तेरे जैसा आफ़ताब कहाँ है।।
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मुझे कुछ कहना है,gajal

मैं आवाज लगाती हूं फिर पीछे पीछे आती हूं 
अबकी बार एक काम करो तुम आवाज लगाओ ना 

नहीं लेनी है मुझे दवाई सिर का दर्द हटाने को 
पास बैठ कर ,बात करो हल्के से सिर को दबाओ ना 

होटल में ,कभी ..घर में ,यारों के लिए सजाते हो
मैं और तुम ही बैठे हों कुछ पल ऐसे सजाओ ना 

चाय पानी खाना कपड़े इस में उलझ गई हूं कहीं
इलायची वाली सुबह की चाय तुम भी कभी पिलाओ ना 

कमियां ही कमियां है मुझ में तुमसे अक्सर सुना मैंने
फिर भी साथ चले हो मेरे!! सॉलिड रीजन बताओ ?
                    Shayaripub.in 

Good morning

इश्क़ आजाद है पहरे लगा कर देख लो
चाहत छुपती नहीं कभी छुपा कर देख लो
यारियां पुरानी कभी भूलते नहीं
भूला सकते हो तो भूला कर देख लो
                           achlasguleria 
जरा सरका पर्दा तू हमें दीदार करने दे🌷
 प्यार गलती है तो हमको यह बार-बार करने दे🌷
 जरा पलकों को थामो माथे की सिलवट से🌷
 उन आंखों को इन आंखों से चार करने दे🌷
                                        Shayaripub.in

बरसात ,

पर्वतों से झरनों के गिरने का मौसम है
भाव भावनाओं के निकलने का मौसम है।।

चप्पल अच्छे से brand की पहनना
दिल नजर कदम फिसलने का मौसम है।।

सफाई अभियान जोरों पर है रब का
बादलों के गरजने बरसने का मौसम है।।

दिल को मजबूती से थामे रखना
किसी रूपसी का बिजली से डरने का मौसम है।।

पल पल में रंग बदल रहा है धौलाधार
बादलों का पहाड़ों पर टहलने का मौसम है ।।

लगाम कस लेते हैं कवि स्वच्छंद मन की
हाथ में कलम के मचलने का मौसम है ।।

उमस जलन कीचड़ समाज का देखकर
मौसम से उसको जोड़कर लिखने का मौसम है।।
                                      अचलाएसगुलेरिया
                                     Shayaripub.com 

good morning

The cultured
give
happiness
wherever
they go.
The uncultured,
whenever
they go.
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Good morning,

The tragedy of human history is decreasing happiness in the midst of increasing comfort 
                            Swamiji
                    Hindi shayari dil se 

Good morning,English,

You must be ready to accept all things 
as natural
With quite cheers
    ..  . .........swamiji

Good morning,shayari,shayaripub.com

हर उम्र का अपना अपना रूआब होता है 
हम उम्र लोगों से कुछ ज्यादा ही लगाव होता है
 
मां बाप का रुतबा जैसा भी हो 
हर बच्चा तो घर में नवाब होता है 

जवानी की दहलीज पर सब कुछ हसीन लगता है 
यह दौर जिंदगी का लाजवाब होता है 

जिसे पढ़ते पढ़ते नहीं थकते ताउम्र 
दिलबर का चेहरा वह किताब होता है 

लिया दिया यही चुका जाते हैं सभी 
उस रब का पक्का हिसाब होता है
                                 अचलाएसगुलेरिया

hare krishna

*भजगोविन्दं भजगोविन्दं, गोविन्दं भज मूढमते।*
*नामस्मरणादन्यमुपायं, नहि पश्यामो भवतरणे॥*

*योगरतो वा भोगरतो वा, सङ्गरतो वा सङ्गविहीनः।*
*यस्य ब्रह्मणि रमते चित्तं, नन्दति नन्दति नन्दत्येव॥*
*भजगोविन्दं भजगोविन्दं* 


*हे मूढ़मते ! गोविंद को भजो, गोविन्द का नाम लो, गोविन्द से प्रेम करो क्योंकि भगवान के नाम जप के अतिरिक्त इस भव-सागर से पार जाने का अन्य कोई मार्ग नहीं है, कोई योग में लगा हो या भोग में, संग में आसक्त हो या निसंग हो, पर जिसका मन ब्रह्म में लगा है वो ही आनन्द  का अनुभव करता है।*


*

shayari

      🌷मन को बदल दो हालात बदल जाएँगे 🌷
        नज़र को बदल दो नज़ारे बदल जाएँगे🌷
        🌷सोच को बदल दो सितारे बदल जाएँगे
         कश्ती बदलने की ज़रूरत नहीं साहिब🌷
         🌷दिशा को बदल दो किनारे बदल जाएँगे🌷
                       🌷Shayaripub.in🌷 

Good evening,shayari, hindi shayari dil se,

नज्मों से न तोला करो मेरे जज़्बातों को
कागज़ पर उतारने में और
 दिल से गुज़रने में फर्क होता है
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shayari,

मुझ पर भरोसा नहीं है तो रिश्ता क्यों?
 सच है तू बुलंद आवाज में कहो
.... इतना आहिस्ता क्यों? 
            अचला 
   ..shayaripub.com 

love shayari,shayaripub.com

तुम्हारी  आरज़ू  में  गर  सभी  अरमान  दे दे तो ।
तुम्हें  भगवान  सा  पूजे  अगर  ईमान  दे  दे  तो ।
मिले हम सा अगर कोई तो हमसे भी मिला देना  
तुम्हारे  वास्ते   कोई अगर  जान  दे  दे तो


Good night

फिक्र ना करो हम कोई जंजीर नहीं है 

            कि पाँव से लिपट जाएंगे हमे तों मुहब्बत हैं 

खाक बनके तेरी राहों में बिखर जाएंगे
               Shayaripub.com 

Goodmorning

हर इश्क का बस यही अंजाम होता है,
कोई अजनबी से खास और फिर आम होता है.
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
शहर महंगा बहोत है और मैं कर्जे में हूँ,
सो अब दिलों में ही रहने का इंतज़ाम होता है.
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
शोहरत कुछ इस कदर कमाई है हमने,
गुनाह कोई करे हम पे ही इल्ज़ाम होता है.
                 🌷Shayaripub.com🌷

 फिक्र ना करो हम कोई जंजीर नहीं है 

            कि पाँव से लिपट जाएंगे हमे तों मुहब्बत हैं 

राख बनके तेरी राहों में बिखर जाएंगे
                 Hindi shayari dil se 

Good night

🌷इश्क का बस यही अंजाम होता है,🌷
🌷कोई अजनबी से खास और फिर आम होता है.🌷

🍁शहर महंगा बहुत है और मैं कर्जे में हूँ,🍁
🍁सो अब दिलों में  रहने का इंतज़ाम होता है.🍁

🌷शोहरत कुछ इस कदर कमाई है हमने,🌷
🌷गुनाह कोई करे हम पे ही इल्ज़ाम होता है.🌷
                 🌷Good night🌷

hare krishna, सुप्रभात ,shayaripub.com


🌼अधर-रस मुरली लुूटन लागी।🌼
जा रस कौं षट रितु तप कीन्ही, सो रस पियति सभागी।
कहाँ रही, कहेँ तैं यह आई, कौने याहि बुलाई ?
चक्रित भई कहति ब्रजवासिनि यह तौं भली न आई ।।
सावधान क्यौं होति नहीं तुम, उपजी बुरी बलाई ।
सूरदास प्रभु हम पर ताकौ, कीन्हौ सौति बजाई ।।


मुरली के प्रति सौतिया डाह मानती हुई गोपियां परस्पर चर्चा करती हुई कहती हैं कि हे सखी ! यह मुरली तो प्रिय कृष्ण के अधरों का रसपान करने लगी है; जिस अधरामृत को पान
करने की अभिलाषा में हमने छ. ऋ्तुओं का तप किया है, उसी अधरामृत को सभागी (सोभाग्यशालिनी) बनकर यह मुरली पी रही है। हे सखी हम तो कृष्ण के साथ बालपन से हैं, तब से तो यह नहीं
थी, फिर यह मुरली (हमारी सौत वनकर) अव तक कहां रही ? और अब कहां से आई है ? और इसे यहां बुलाया किसने है ? ब्रजबालाएं जितना-जितना मुरली के सम्बन्ध में सोचती हैं, उतनी-उतनी
भ्रमित और परेशान हो रही हैं, वे कहती हैं कि इस मुरली का आना और इस प्रकार कृष्ण पर एकाधिकार
जमा कर उनका अधरामृत पीना हम लोगों के लिए अच्छा संकेत नहीं है; तुम सब उसकी करतूतों को देखते हुए सावधान क्यों नहीं हो जातीं और इससे छुटकारा पाने का समय रहते उपाय क्यों नहीं
सोचती, क्योंकि यह तो हमारे और कृष्ण के प्रेम के बीच बहुत बुरी बला पैदा हो गई है। सूरदास कहते हैं कि लगता है कि जैसे कृष्ण ने इस मुरली को हमारे ऊपर सौत के रूप में घोषित कर दिया
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good morning, suparbhat,hare krishna


        चरावत बृन्दावन हरि धेनु।
ग्वाल सखा सब संग लगाए, खेलत हैं करि चैनु ।
कोउ गावत, कोउ मुरलि बजावत, कोउ बिषान कोउ बेनु।
कोउ निरतत कोउ उघटि तार दैं, जुरी व्रज-बालक-सैनु।
त्रिबिधि पवन जहेँ बहत निसदिन सुभग कुंज घन ऐनु।
सुर स्याम. निज धाम बिसारत, आवत यह सुखलेनु ।। 1
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कृष्ण की गो-चरण-लीला का वर्णन करते हुए सूरदास कहते हैं- श्रीहरि वृन्दावन में गायेचरा रहे हैं। वे सभी गोप-सखाओं को साथ लेकर आानन्दपूर्वक खेल रहे हैं। कोई गा रहा है तो काई
मुरली, कोई विषाण और कोई वेणु बजा रहा है। कोई नाच रहा है, और कोई ताल देकर एक सम पर ताली बजा रहा है। इस प्रकार ब्रज-बालकों की सेना एकत्र हो गई है।
जहाँ पर तीनों प्रकार की शीतल  मन्द,और सुगंधित हवा रात-दिन चलती रहती हैं, और जहाँ पर सुन्दर तथा गहन कुंज हैं।
जो श्रीहरि के निवास -स्थान हैं। सूरदास जी कहते हैं कि श्यामसुन्दर (श्रीहरि) अपने धाम बैकुंठ को छोड़कर वृन्दावन में यह अपूर्व सुख लेने के लिए आते हैं ।



shayari, good morning

Copied 

कहाँ पर बोलना है और कहाँ पर बोल जाते हैं
जहाँ खामोश रहना है वहाँ मुँह खोल जाते हैं 

कटा जब शीश सैनिक का तो हम खामोश रहते हैं
कटा एक सीन पिक्चर का तो सारे बोल जाते हैं 

ये कुर्सी मुल्क खा जाए तो कोई कुछ नही कहता
मगर रोटी की चोरी हो तो सारे बोल जाते हैं 

नयी नस्लों के ये बच्चे जमाने भर की सुनते हैं
मगर माँ बाप कुछ बोले तो बच्चे बोल जाते है 

फसल बर्बाद होती है तो कोई कुछ नही कहता
किसी की भैंस चोरी हो तो सारे बोल जाते हैं 

बहुत ऊँची दुकानो मे कटाते जेब सब अपनी
मगर मजदूर माँगेगा तो सिक्के बोल जाते हैं 

गरीबों के घरों की बेटियाँ अब तक कुँवारी हैं
कि रिश्ता कैसे होगा जबकि गहने बोल जाते हैं 

अगर मखमल करे गलती तो कोई कुछ नही कहता
फटी चादर की गलती हो तो सारे बोल जाते हैं 

हवाओं की तबाही को सभी चुपचाप सहते हैं
च़रागों से हुई गलती तो सारे बोल जाते हैं 

बनाते फिरते हैं रिश्ते जमाने भर से हम अक्सर
मगर घर मे जरूरत हो तो रिश्ते बोल जाते हैं.
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shayari,hindi kavita,

हम पर न सही, खुद पर यकीं कर लिया होता..

 दिल की दीवारों पर लिखा, पढ़ लिया होता... 
           
              hindi shayari dil se


Hum per na sahi khud per yahin kar liya hota
Dil ki dibaron per likha pad liya hota

सुविचार

जमाने में ऐसे भी किरदार हुआ करते थे लोग एक दूसरे के वफादार हुआ करते थे।  ऐसा भी कोई जमाना रहा है हक उनको मिला जो हकदार हुआ करते थे  आज बेचते...